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relational model in hindi - DBMS in hindi

 आज हम  computers  in hindi  मे   relational model in hindi-   DBMS in hindi   के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- relational model in hindi (रिलेशनल मॉडल क्या है?):- इसमे रिलेशनल डेटा मॉडल सबसे पहले E.E.Codd द्वारा 1970 में तथा बाद में IBM के San Jose Reserch Laboratosy जो कि R सिस्टम के development के लिए Responsible है इसके द्वारा 1970 के दौरान ही Presented किया गया और दूसरी बार कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय बार्कले जो इन्ग्रेस अकादमिक ओरिएन्टेड RDMS के development के लिए Responsible है इसके द्वारा Presented किया गया । 1980 के आसपास कई producers द्वारा Professional  रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (RDBMS)   producers को प्रारंभ किया गया और आजकल RDBMS's डेटाबेस मैनेजमेंट के लिए उच्च स्तर की Technique रखते है और अब Personal computers (  personal computer kya hai )और mainframe की limits में कई सारे  रिलेशनल डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (RDBMS )  इसमे आते हैं । इसमे रिलेशनल डेटा मॉडल में डेटा को tables के रूप में Displayed करते हैं । रिलेशनल मॉडल Mathema

कम्प्युटर कीबोर्ड क्या है और कीबोर्ड के प्रकार

कम्प्युटर कीबोर्ड क्या है ( keyboard in hindi )

की - बोर्ड लगभग टाइपराइटर के सामान ही होता है , फर्क सिर्फ इतना है कि टाइपराइटर में लगे बटनों की अपेक्षा की - बोर्ड के बटन आसानी से दबते हैं जिससे लम्बे समय तक कार्य करने में सुविधा रहती है । की - बोर्ड के बटनों में एक खास बात यह भी होती है कि किसी बटन को कुछ देर तक दबाए रखा जाये तो  वह स्वयं को repeats होता है ।
 की - बोर्ड एक केबल के द्वारा कम्प्यूटर से जुड़ा होता है जिसका एक सिरा की - बोर्ड तथा दूसरा सिरा CPU के पीछे लगे एक सॉकेट में लगाया जाता है । टाइपराइटर की तुलना में की - बोर्ड में कई अधिक Keys होती हैं , जिनसे अनेक प्रकार के काम किये जाते है। की -  बोर्ड के सबसे ऊपर right side ओर तीन रोशनी देने वाली light लगी होती हैं । ये Caps Lock , Num Lock तथा Scroll Lock key की स्थिति दर्शाते रहते हैं ।
Keyboard in hindi

की - बोर्ड ( कुंजीपटल ) user के निर्देशों / आदेशों अथवा डाटा / सूचना को कम्प्यूटर में input कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है तथा सर्वाधिक प्रचलित है इसके द्वारा सूचना / डाटा सेन्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट को भेजा जाता है । Caps Lock / Num Lock / Scroll Lock को On / Off करने वाली कीज को Toggle Keys कहा जाता है , और Ctrl / Alt Keys को Combination Key कहा जाता है ।

मुख्य की - बोर्ड :-

यह एक साधारण अंग्रेजी टाइपराइटर के की - बोर्ड जैसा होता है । इसमें रोमन लिपि के सभी अक्षर , अंक कुछ विशेष चिह्न , विराम चिह्न तथा दो शिफ्ट कुंजीयाँ होती है । मुख्य की - बोर्ड लगभग सभी की - बोर्डो में एक जैसा ही होता है ।

● ऐस्केप - की ( ESC ) : -

ESC  Key, keyboard के ऊपरी बाएँ कोने पर स्थित है । इस keys का प्रयोग तुरन्त दिये गये आदेश को समाप्त करने में होता है। कम्प्यूटर पर काम करते समय मौजूदा प्रोग्राम में अचानक खुली हुई ( प्रोग्राम ) प्रक्रिया को रद्द करने के काम में भी ली जाती है , या पॉप अप विंडोज को बंद करने के लिए एक कुंजी है।

● फंक्शन कीज ( Function Keys ) : -

इन बटनों पर F1 से F12 तक नाम लिखे होते हैं । यह हर प्रोग्राम में अलग - अलग कार्य करती हैं ।
Function keys

☆ F1(help):- कम्प्यूटर पर काम करते समय हमें मदद की आवश्यकता होती है । जिस प्रोग्राम में हम काम कर रहे है उससे सम्बन्धित मदद के विंडोज डेस्कटॉप पर दिखाई देती है ।
☆F2 (raname) :- कम्प्युटर पर इस keys की सहायता से किसी भी फोल्डर एवं फाइल का नाम बदल सकते है जिसके लिए उस फाइल एवं फोल्डर पर जाकर इस कुंजी को दबाएँ एवं नाम टाईप करके बाहर क्लिक करें ।
☆F3 (search) :- कम्प्यूटर पर इस keys की सहायता से किसी भी फोल्डर , फाइल , चित्र आदि को खोजने के लिए काम में किया जाता है । इसको दबाने से डेस्कटॉप पर एक सर्च विंडो खुल जाती है ।
☆F4 ( internet Explorer) :- कम्प्यूटर पर इस keys की सहायता इंटरनेट एक्सप्लोर में एड्रस बार खुल जाएगी । और AIt के साथ F4 दबाने से चालू प्रोग्राम बंद हो जाएगा ।
☆F5 ( Refresh ) :- कम्प्यूटर को इस keys की सहायता से ताजा ( Refresh ) कर सकते है और वेब पेज को दुबारा लोड कर सकते है ।
☆F6 : - वर्ड में काम करते समय इस कुंजी को दो बार दबाने से मेनू बार सक्रिय हो जाती है ।
☆F7 : - वर्ड में काम करते समय व्याकरण से सम्बन्धि गलती को सुधारने के लिए इस keys की सहायता ली जाती है ।
☆F8 : - कम्प्यूटर में विंडो लोड करते समय इस  keys को दबाकर बूट प्रक्रिया चालू की जा सकती है । और वर्ड में इसकी सहायता से सलेक्शन को बढ़ाया जा सकता है ।
☆F9: वर्ड में इस keys की सहायता से सलेक्सन को हटाया जाता है और यह बूट प्रक्रिया चालू करने के काम में भी ली जाती है।
☆F10 :- कम्प्यूटर पर इस keys की सहायता प्रोग्राम की मेन बार को सक्रिय करने के काम में ली जाती है । और Shift के साथ F10 दबाने से डेस्कटॉप पर Right Click का कार्य करता है ।
☆F11 (full view ):- इंटरनेट एक्सप्लोर में काम करते समय इस keys की सहायता से इंटरनेट एक्सप्लोर को फुल स्क्रीन पर देखा जा सकता है।
☆F12 (save as): - वर्ड में कार्य करते समय इस कुंजी की सहायता से Save as विंडो खुल जाती है । और फाईल को सेव कर सकते हैं ।
Note: - फंक्शन कुंजीयों का उपयोग ज्यादा टेली के अन्दर कार्य करते समय किया जाता है। 

● संख्यात्मक की - पैड ( Numeric Keypad ) : -

Keyboard के Left side में कैलकुलेटर जैसा एक keys का समूह होता है । इसमें 0 से 9 तक सभी अंक दशमलव बिन्दु , + , - , * ,/, . Keys भी होते है । कुछ बटनों पर अंक के नीचे कुछ और भी छपा होता है ।
Note: -  इस की - पैड से संख्याएँ टाइप करने के लिए हमें संख्यात्मक लॉक ( NUM LOCK ) बटन को ऑन ( ON ) करना होता है । तो इस की - पैड की कीज से उन पर ऊपर लिखे अंक  टाइप होते है । और यदि ऑफ ( OFF ) हो , तो उन बटनों पर नीचे लिखे हुए कार्य होते है ।     

● कर्सर मूवमेन्ट कीज ( Cursor Control Keys ) :- 

इन ऐरो Key का प्रयोग कर्सर ( मॉनीटर पर चमकती एक रेखा ) को दाएं , बाएं , ऊपर , तथा नीचे चलाने में कााम करते हैं । इसके अलावा चार और keys होती हैं , जो Home , End , Page Up तथा Page Down । ये keys कर्सर को टेक्स्ट पर घुमाने में सहायक होती हैं । Home और End key कर्सर को टेक्स्ट के प्रारम्भ तथा अन्त में रखने का कार्य करती हैं । Page Up keys से किसी दस्तावेज या फाइल के पिछे के पेज पर ले जाती है ।

● विशेष उद्देश्य कीज ( Special Purpose Keys ) :-

बैकस्पेस - की Backspace - बैकस्पेस की उन अक्षरों या चिन्हों को हटाती है , जो कर्सर के right side होते हैं ।

● कैप्स लॉक - की ( Caps Lock Key ) : -

यह एक विशेष key है । जब आप पहली बार इसे दबाते हैं , तो सारे अक्षर बड़े रूप में लिखे जायेंगे ( छोटा a बड़े A में लिखा जायेगा । ) अगर आपने फिर Caps Lock Key को दबाया तो सारे अक्षर छोटे अक्षर ( Upper Case ) में टाइप हो जायेंगे । यदि आप टेक्स्ट को बड़े अक्षर में लिखना चाहते हैं , तो आप Cpas lock keys  को दबा सकते हैं ।

Note: - कैप्स लॉक , नम लॉक और स्क्रोल लॉक जैसे फिचर को ऑन और ऑफ करने वाली कीज को टॉगल कीज कहा जाता है। 

● शिफ्ट - की ( Shift Key ) : -

शिफ्ट - की को दबाए रखकर किसी अक्षर को टाइप किया जाए तो वह बड़े अक्षरों में आता है । लेकिन कैप्स लॉक - की ऑफ होनी चाहिए - जब कैप्स लॉक - की ऑन होगी तो शिफ्ट - की का प्रभाव उलटा हो जाता है । यानी शिफ्ट - की के साथ कोई अक्षर टाइप करने पर छोटे अक्षर आते है । जिन कीज पर दो चिह्न लिखे होते हैं , उन्हें शिफ्ट के बिना दबाने पर नीचे लिखा चिह्न आता है और शिफ्ट के साथ दबाने पर ऊपर लिखा चिह्न टाइप होता है । 
उदाहरण के लिए , न्यूमेरिक keys के मामले में आप प्रत्येक बटन पर दो अक्षर पाते हैं । इस प्रकार Shift की को - दबाने पर न्यूमेरिक keys के ऊपर के चिन्ह , जैसे - ~ ! @ # . $ % ^ & * ( ) इत्यादि स्क्रीन पर दिखाई देते हैं । 
ऐसे बटनों पर कैप्स लॉक - की का कोई प्रभाव नहीं होता है।

● टैब - की ( Tab Key ) : -

टैब को दबाकर आप कर्सर को पूर्व निर्धारित 5 या अधिक स्पेस ( अपनी आवश्यकता के अनुसार ) आगे बढ़ा सकते हैं । Tab की टेबल में टेक्स्ट को टाइप करने में मदद करती है । इसका कार्य भी टाइपराइटर के टैब बटन की तरह ही है जिसका प्रयोग आप सारणी टाइप करने में करते हैं ।

● एन्टर - की या रिटर्न - की ( Enter ) : -

Enter कम्प्यूटर को आदेश देने के काम में आता है अर्थात् कम्प्यूटर को दिये गये आदेश को चलाने में होता है । 
वर्ड प्रोसेसिंग प्रोग्रामों में रिर्टन या एन्टर दबाते ही आप अगली रेखा पर पहुँच जाते हैं । कीबोर्ड की एन्टर की को . रिटर्न - की भी कहते हैं । इसका प्रयोग रेखा या पैराग्राफ के अन्त को इंगित करने में होता है।
● स्पेशबार : -  दो शब्दों के बीच में जगह छोड़ने के लिए ।

● इनसर्ट - की ( Insert ) : -

Ins - " Ins ” इनसर्ट ( Insert ) का संक्षिप्त रूप है । यह Ins की इनसर्ट और ओवरस्ट्राइक ( Overstrike ) दोनों तरह से कार्य करती है । Word Pad में इनसर्ट की को पहली बार दबाकर अक्षर या प्रतीक को टाइप करते हैं , तो नया टाइप किया हुआ टेक्स्ट पहले से लिखे हुए टेक्स्ट को दाहिने तरफ बढ़ाता है । इसे इनसर्ट टेक्स्ट मोड कहते हैं । यदि आप इनसर्ट बटन को पुनः दबाकर टाइप करते हैं , तो नया टाइप किया हुआ टेक्सट , पहले से टाइप हुए टेक्स्ट के ऊपर लिखा जायेगा अथवा उसे हटा देगा । इसे ओवर स्ट्राइक कहते हैं । जब आप ओवर स्ट्राइक मोड में टाइप करते हैं , तो नया टेक्स्ट पुराने टेक्स्ट के ऊपर लिखा जाता है।

● डिलीट - की ( Delete Key ) : -

इस बटन को दबाकर आप कर्सर के ठीक दायीं ओर के अक्षर को हटा सकते हैं । कर्सर जहाँ भी हो वहाँ के अक्षर को आप हटा सकते है । डिलीट बटन का कार्य बैकस्पेस बटन से भिन्न होता है। बैकस्पेस बटन कर्सर के बायीं तरफ के अक्षर को हटाता है , जबकि डिलीट बटन कर्सर के दायी ओर के अक्षर को हटाता है।

● प्रिन्ट स्क्रीन - की ( Print Screen Key ) : -

जब हम इस बटन को दबाते है तो कम्प्यूटर की स्क्रीन पर जो भी प्रोग्राम एवं टेक्स्ट दिखाई देता है उसकी कॉपी हो जाती है और उसको हम किसी भी प्रोग्राम जैसे - पेंट , वर्ड , आदि में पेस्ट कर सकते हैं और उसका प्रिन्ट निकाल सकते हैं।

● कुंजियों का संयोजन ( Multi - Key Combination ) : -

मल्टी - की संयोजन एक या एक से अधिक बटनों का संयोजन है। जिन्हें आप एक ही समय में एक साथ दबाते हैं । जैसे - आपको Computers लिखना है , तो आप Shift बटन को दबाकर C टाइप करेंगे तो बड़े अक्षर का C लिखा जायेगा । कन्ट्रोल बटन Ctrl अथवा अल्टर बटन Alt का प्रयोग इस संयोजन में अधिक होता है । Ctrl कन्टोल का , और Alt अल्टरनेटिव का संक्षिप्त रूप है । इस प्रकार Ctrl + C को चलाने के लिए आपको Ctrl बटन के साथ अक्षर C को भी दबाना होगा । यह कार्य , चलने वाले प्रोग्राम पर निर्भर करता है । जैसे - Ctrl + Alt + Del इन तीनों बटनों को एक साथ दबाने से आपका कम्प्यूटर दोबारा स्टार्ट या बूट हो जायेगा।

● की - बोर्ड की विशेषताएँ ( Key - Board Features):-

कम्प्यूटर के keyboard में टाइपराइटर key board  के साथ न्यूमेरिक कीपैड होते है , जिसका उपयोग संख्याओं और गणितीय चिन्हों को टाइप करने के लिए किया जाता है । कैप्सलॉक जैसे कुछ बटनों को टॉगल की कहते है - बटन Ctrl , Alt जैसे अन्य बटनों को कॉम्बिनेशन - की कहते है और यह किसी अन्य की बटन के साथ मिलकर काम करता है।

●  की - बोर्ड के प्रकार (Key-board types) : - 

Keyboard की डिजाइन की विभिन्न श्रेणियाँ हैं । जिसमें सामान्य प्रकार निम्नलिखित हैं-

☆ परम्परागत की - बोर्ड : -

ये पूर्ण आकार का कठोर चतुर्भुज की - बोर्ड होता है , जिसमें निश्चित बटन होते हैं ।

☆ फ्लेक्सिबल की - बोर्ड :-

इस key board को आसानी से पैकिंग एवं स्टोरेज के लिए मोड़ा या घुमाया जा सकता है ।

☆ डरगोनोमिक की - बोर्ड :-

इन keyboard को विशेष रूप से नसों के तनाव एवं उनसे संबंधित समस्याओं को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है । इसका आकार परम्परागत keyboard से थोड़ा अलग है और हथेली को आराम प्रदान करता है ।

☆ वायरलेस की - बोर्ड :-

ये keyboard इनपुट को सिस्टम यूनिट में हवा के द्वारा भेजता है । ये अधिक लचीला और सुविधाजनक होता है , क्योंकि ये तारों से जुड़े नहीं होते हैं ।

☆ पीडीए की - बोर्डः  -

 ये पीडीए ( हैंडहेल्ड कम्प्यूटर का एक प्रकार ) के लिए सूक्ष्म आकार का keyboard है और इसका उपयोग अनेक कार्यों जैसे ई - मेल भेजने एवं डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए किया जा सकता है।

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