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SMTP Kya hai? - what is SMTP in hindi

आज हम  computers in hindi  मे SMTP Kya hai? ( what is SMTP in hindi) smtp ka full form kya hai - internet tools in hindi  के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- SMTP Kya hai? (what is SMTP in hindi):- यह प्रोटोकॉल ई - मेल मैसेज को सीधे सर्वर पर अपलोड कर देता है । स्टैटिक IP एड्रेस वाले सर्वर इस प्रोटोकॉल के माध्यम से मैसेज भी प्राप्त कर सकते हैं । smtp ka full form kya hai:- simple mail transfer protocol  simple mail transfer protocol in hindi:- इंटरनेट प्रोटोकॉल नेटवर्क पर ई - मेल ट्रांसफर के लिए यह प्रोटोकॉल प्रयोग में लिया जाता है । ई - मेल क्लाइंट सॉफ्टवेयर ई - मेल मैसेज भेजने के लिए SMTP का प्रयोग करते हैं तथा मैसेज प्राप्त करने के लिए पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल ( POP ) या इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल ( IMAP ) का प्रयोग करते हैं । SMTP    सर्वर  इसके लिए पोर्ट नंबर 25 का प्रयोग करते हैं ।  simple mail transfer protocol   ई - मेल मैसेज को सीधे   सर्वर  पर अपलोड कर देता है । स्टैटिक IP एड्रेस वाले   सर्वर  इस प्रोटोकॉल के माध्यम से मैसेज भी प्राप् कर सकते हैं ।

degree of relationship in dbms in hindi - DBMS in hindi

 आज हम computers in hindi मे  degree of relationship in dbms in hindi - DBMS in hindi के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं-

degree of relationship in dbms in hindi (डिग्री ऑफ रिलेशनशिप):-

इसमे किसी relationship में भाग लेने वाली total entitys की संख्या डिग्री ऑफ रिलेशनशिप (degree of relationship in dbms) कहलाती है और degree of relationship in dbms को हम कई प्रकार से इसे Classified कर सकते है
( 1 ) unary relationship in dbms
( 2 ) unary relationship in dbms
( 3 ) unary relationship in dbms

1. यूनेरी रिलेशनशिप ( Unary Relationship in DBMS in hindi ) :-

इसमे किसी एक ही entity type के Instances के मध्य की relationship को unary relationship in dbms कहते हैं ।
degree of relationship in dbms in hindi

2. बायनरी रिलेशनशिप ( Binary Relationship in DBMS in hindi):-

इसमे किन्हीं दो प्रकार के entity types के Instances के मध्य की relationship की बायनरी रिलेशनशिप ( Binary Relationship in DBMS in hindiकहते हैं और यह डेटा मॉडलिंग में सबसे अधिक उपयोग में आने वाली relationship होती है ।
degree of relationship in dbms in hindi

3. टर्नरी रिलेशनशिप ( Ternary Relationship in DBMS in hindi ) :-

इसमे किन्ही तीन प्रकार के entity types के Instances के मध्य की एक साथ relationship  को टर्नरी रिलेशनशिप ( Ternary Relationship in DBMS in hindi ) कहते हैं और एक टर्नरी रिलेशनशिप तीन बायनरी रिलेशनशिप के बराबर नहीं होती है ।
बायनरी रिलेशनशिप ( Binary Relationship in DBMS in hindi):-

Example  E-R DIAGRAM:-

( 1 ) इसमे फाइनेन्स उधार देने वाली कंपनी के लिए एक E - R डायग्राम :-
कम्पनी ग्राहक और लेखा ( A / C ) के बारे में डेटा संग्रहित करती है और इसमे एक यूनिवर्सल रजिस्टार ऑफिस के लिए E - R डायग्राम और ऑफिस प्रत्येक कक्षा के साथ - साथ इंस्ट्रक्टर , एनरोलमेंट वर्ष और प्रत्येक विद्यार्थी के लिए कक्षाओं का स्थान व समय व ग्रेड , सभास्थान आदि का डेटा व्यवस्थित करते हैं ।

( 2 ) एक अस्पताल के मरीजों के सेट के साथ मेडिकल डॉक्टरों के सेट के लिए E R डायग्राम :-
प्रत्येक मरीज के लिए संचालित परीक्षणों का सेट मरीज के साथ जुड़ा होना चाहिए । अभी तक हमने मूलभूत E - R विचारधारा को पढ़ा । लेकिन हम कुछ गुणों के बारे मे जानेगे ।
( 1 ) विशिष्टीकरण ( स्पेशलाईजेशन ) 
( 2 ) सामान्यीकरण ( जनरलाईजेशन ) 
( 3 ) औसतीकरण ( एग्रीगेशन )

(1) Specialization or subtype:-

यह किसी high level entity के lower level entity sets में devises की process है और यह process इसलिये आवश्यक है क्योंकि एक entity set में ऐसी entitys का समावेश होता है और इनके Property आपस में same नहीं होते हैं। 

(2) In generalization or supertype:-

इस process में दो या उससे अधिक lower - level entitys को एक high levelentitys set के यूनियन के रूप में define हैं और high level entitys set के Attribute को Lower level entity sets से भी Inherit किया जाता है ।

(3) Normalization or Aggregation:-

 E - R मॉडल की एक limit यह है कि यह relationship के बीच relationship को Displayed नहीं कर सकता है और इसी के लिये हम Aggregation का उपयोग करते हैं । इसमे Aggregation एक Abstraction की process है और जिसमें relationship sets को एक Higher - Level Entity के रूप में Displayed करते हैं । इसमे इस प्रकार relationship sets व उससे Related entity sets को हम एक Higher - Level Entity के रूप में देखते हैं और यह उसी तरह का व्यवहार करती है , जिस तरह से दूसरी entity करती है ।








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