सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

SMTP Kya hai? - what is SMTP in hindi

आज हम  computers in hindi  मे SMTP Kya hai? ( what is SMTP in hindi) smtp ka full form kya hai - internet tools in hindi  के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- SMTP Kya hai? (what is SMTP in hindi):- यह प्रोटोकॉल ई - मेल मैसेज को सीधे सर्वर पर अपलोड कर देता है । स्टैटिक IP एड्रेस वाले सर्वर इस प्रोटोकॉल के माध्यम से मैसेज भी प्राप्त कर सकते हैं । smtp ka full form kya hai:- simple mail transfer protocol  simple mail transfer protocol in hindi:- इंटरनेट प्रोटोकॉल नेटवर्क पर ई - मेल ट्रांसफर के लिए यह प्रोटोकॉल प्रयोग में लिया जाता है । ई - मेल क्लाइंट सॉफ्टवेयर ई - मेल मैसेज भेजने के लिए SMTP का प्रयोग करते हैं तथा मैसेज प्राप्त करने के लिए पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल ( POP ) या इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल ( IMAP ) का प्रयोग करते हैं । SMTP    सर्वर  इसके लिए पोर्ट नंबर 25 का प्रयोग करते हैं ।  simple mail transfer protocol   ई - मेल मैसेज को सीधे   सर्वर  पर अपलोड कर देता है । स्टैटिक IP एड्रेस वाले   सर्वर  इस प्रोटोकॉल के माध्यम से मैसेज भी प्राप् कर सकते हैं ।

कम्प्यूटर का विकास । EVOLUTION OF COMPUTER

कम्प्यूटर का विकास ( EVOLUTION OF COMPUTER ) :-

वर्तमान समय में प्रयुक्त Computer  प्रणालियाँ इलेक्ट्रोनिक तकनीक पर आधारित मशीनों से मिलकर बनी होती हैं । सबसे पहली इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर प्रणाली सन् 1946 में विकसित की गई थी । लेकिन कम्प्यूटर का इतिहास इससे कहीं अधिक प्राचीन है । मानव सभ्यता के आरम्भ से ही मनुष्य ने गणना के लिए विभिन्न विधियों और यंत्रों को विकसित किया है । हजारों वर्ष पूर्व सबसे पहला गणनायंत्र तैयार किया गया था , जिसे अबेकस ( Abacus ) के नाम से जाना जाता है । अबेकस का प्रयोग आज भी विद्यालयों में गणना करने के लिए होता है ।  
सन् 1642 में सबसे पहला यांत्रिक गणनायंत्र तैयार किया गया था । पास्कलाइन ( Pascaline ) नामक इस गणना यंत्र को ब्लेज पास्कल ने तैयार किया था । इसके बाद सन् 1673 में जर्मन गणितज्ञ व दर्शनिक गॉटफ्रेड वॉन लेबनीज ( Gotfried Von Leibnitz ) ने पास्कलाइन का नाम रूप तैयार किया , जिसे रेकनिंग मशीन ( Reckoning Machine ) कहते हैं । पास्कलाइन गणनायंत्र केवल जोड़ने व घटाने की क्रिया करने में सक्षम था , जबकि रेकनिंग मशीन जोड़ व बाकी के अलावा गुणा व भाग की क्रिया भी कर सकती थी ।
 सन् 1801 में फ्रांसीसी बुनकर जोसेफ जेकॉर्ड ( Joseph Jacquard ) ने कपड़े बुनने के ऐसे लूम ( Loom ) का आविष्कार किया जो , कपड़ों में डिजाइन व पैटर्न स्वचालित रूप से नियंत्रित करता था । जैकार्ड के इस लूम की विचारधारा से पंचकार्ड का सिद्धांत प्रतिपादित किया गया , जिसे बाद यांत्रिक कम्प्यूटर्स में एक सूचना संग्रहण माध्यम के रूप में प्रयुक्त किया जाने लगा । 
सन् 1822 में चार्ल्स बैवेज ने डिफरेन्स इंजिन ( Difference Engine ) नामक एक गणनायंत्र का आविष्कार किया । चाल्स बैबेज ने अपने डिफरेंस इंजिन को विकसित करके सन् 1833 में एक नवीन संस्करण विकसित किया , जिसका नाम एनालिटिकल इंजिन ( Analytical Engine ) था । एनालिटिकल इंजिन में निर्देशों ( Instructions ) को संग्रहित ( Store ) किया जा सकता था । 
चार्ल्स बैबेज के इस एनालिटिकल इंजिन ने कम्प्यूटर विज्ञान के मूल सिद्धान्त को प्रतिपादित किया था , इसीलिए चार्ल्स बैबेज को ' फादर ऑफ कम्प्यूटर साइंस ' ' कहा जाता है । ।
 इसके बाद सन् 1896 में हर्मन होलेरिथ ने पंचकार्ड यंत्र बनाने की एक मशीन का उत्पादन आरम्भ किया । उसने अपनी कम्पनी का नाम ' टेबुलेटिंग मशीन कम्पनी ' ( Tabulating Machine Company ) रखा था । इस कम्पनी का नाम सन् 1911 में ' कम्प्यूटर टेबुलेटिंग रिकॉर्डिंग कम्पनी ' हो गया । इसी प्रकार आगे चलकर सन् 1924 में यह कम्पनी इन्टरनेशनल बिजनेस मशीन ( International Business Machine - IBM ) के नाम से प्रकाश में आयी । 
सन् 1945 में एटानासोफ ( Atanasoff ) ने एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन को विकसित किया , जिसका नाम ABC ( Atanasoff Berry Computer ) था । इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर्स का निर्माण आरम्भ हो गया था । इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर के विकास को विभिन्न पीढ़ियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है ।

Abacus:-

Abacus

हजारों वर्ष पूर्व सबसे पहला गणनायंत्र तैयार किया गया था , जिसे अबेकस ( Abacus ) के नाम से जाना जाता है । अबेकस का प्रयोग आज भी विद्यालयों में गणना करने के लिए होता है ।
Abacus तारों के प्रकार का होता है । Abacus का उपयोग जोड़ने, घटाने, गुणा करने तथा भाग देने के काम आती हैं|

Blade Pascal:-

Blade Pascal अंकों की गणनाएं करने के लिए बनाई  गई थी । 
सन् 1642 में सबसे पहला यांत्रिक गणनायंत्र तैयार किया गया था । पास्कलाइन ( Pascaline ) नामक इस गणना यंत्र को ब्लेज पास्कल ने तैयार किया था । इसके बाद सन् 1673 में जर्मन गणितज्ञ व दर्शनिक गॉटफ्रेड वॉन लेबनीज ( Gotfried Von Leibnitz ) ने पास्कलाइन का नाम रूप तैयार किया , जिसे रेकनिंग मशीन ( Reckoning Machine ) कहते हैं । पास्कलाइन गणनायंत्र केवल जोड़ने व घटाने की क्रिया करने में सक्षम था , जबकि रेकनिंग मशीन जोड़ व बाकी के अलावा गुणा व भाग की क्रिया भी कर सकती थी । । इसको एंडिंग मशीन (Adding Machine) भी कहते थे, क्योकि यह केवल जोड़ या बाकी ही कर सकती थी । यह मशीन घड़ी के सिद्धान्तों पर कार्य करती थी ।


कम्प्यूटर का विकास ( EVOLUTION OF COMPUTER )


What is रेकनिंग मशीन ( Reckoning Machine ):-

1673 में जर्मन गणितज्ञ व दर्शनिक गॉटफ्रेड वॉन लेबनीज ( Gotfried Von Leibnitz ) ने पास्कलाइन का नाम रूप तैयार किया , जिसे रेकनिंग मशीन ( Reckoning Machine ) कहते हैं । पास्कलाइन गणनायंत्र केवल जोड़ने व घटाने की क्रिया करने में सक्षम था , जबकि रेकनिंग मशीन जोड़ व बाकी के अलावा गुणा व भाग की क्रिया भी कर सकती थी

 Jacquard’s Loom:-

कम्प्यूटर का विकास ( EVOLUTION OF COMPUTER )

सन् 1801 में फ्रांसीसी बुनकर जोसेफ जेकॉर्ड ( Joseph Jacquard ) ने कपड़े बुनने के ऐसे लूम ( Loom ) का आविष्कार किया जो , कपड़ों में डिजाइन व पैटर्न स्वचालित रूप से नियंत्रित करता था । जैकार्ड के इस लूम की विचारधारा से पंचकार्ड का सिद्धांत प्रतिपादित किया गया , जिसे बाद यांत्रिक कम्प्यूटर्स में एक सूचना संग्रहण माध्यम के रूप में प्रयुक्त किया जाने लगा ।

Charles Babbage:-
कम्प्यूटर का विकास ( EVOLUTION OF COMPUTER )

सन् 1822 में चार्ल्स बैवेज ने डिफरेन्स इंजिन ( Difference Engine ) नामक एक गणनायंत्र का आविष्कार किया । चाल्स बैबेज ने अपने डिफरेंस इंजिन को विकसित करके सन् 1833 में एक नवीन संस्करण विकसित किया , जिसका नाम एनालिटिकल इंजिन ( Analytical Engine ) था । एनालिटिकल इंजिन में निर्देशों ( Instructions ) को संग्रहित ( Store ) किया जा सकता था ।

Charles Babbage
चार्ल्स बैबेज के इस एनालिटिकल इंजिन ने कम्प्यूटर विज्ञान के मूल सिद्धान्त को प्रतिपादित किया था , इसीलिए चार्ल्स बैबेज को ' फादर ऑफ कम्प्यूटर साइंस  ' कहा जाता है ।

Dr. Howard Aiken’s Mark-I:-

कम्प्यूटर का विकास ( EVOLUTION OF COMPUTER )

इसके बाद सन् 1896 में हर्मन होलेरिथ ने पंचकार्ड यंत्र बनाने की एक मशीन का उत्पादन आरम्भ किया । उसने अपनी कम्पनी का नाम ' टेबुलेटिंग मशीन कम्पनी ' ( Tabulating Machine Company ) रखा था । इस कम्पनी का नाम सन् 1911 में ' कम्प्यूटर टेबुलेटिंग रिकॉर्डिंग कम्पनी ' हो गया । इसी प्रकार आगे चलकर सन् 1924 में यह कम्पनी इन्टरनेशनल बिजनेस मशीन ( International Business Machine - IBM ) के नाम से प्रकाश में आयी ।

A.B.C. (Atanasoff – Berry Computer):-

कम्प्यूटर का विकास ( EVOLUTION OF COMPUTER )
सन् 1945 में एटानासोफ ( Atanasoff ) ने एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन को विकसित किया , जिसका नाम ABC ( Atanasoff Berry Computer ) था । इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर्स का निर्माण आरम्भ हो गया था । इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर के विकास को विभिन्न पीढ़ियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है ।

1. Basic Computer Knowledge:-


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कंप्यूटर की पीढियां । generation of computer in hindi language

generation of computer in hindi  :- generation of computer in hindi language ( कम्प्युटर की पीढियाँ):- कम्प्यूटर तकनीकी विकास के द्वारा जो कम्प्यूटर के कार्यशैली तथा क्षमताओं में विकास हुआ इसके फलस्वरूप कम्प्यूटर विभिन्न पीढीयों तथा विभिन्न प्रकार की कम्प्यूटर की क्षमताओं के निर्माण का आविष्कार हुआ । कार्य क्षमता के इस विकास को सन् 1964 में कम्प्यूटर जनरेशन (computer generation) कहा जाने लगा । इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर के विकास को सन् 1946 से अब तक पाँच पीढ़ियों में वर्गीकृत किया जा सकता है । प्रत्येक नई पीढ़ी की शुरुआत कम्प्यूटर में प्रयुक्त नये प्रोसेसर , परिपथ और अन्य पुर्षों के आधार पर निर्धारित की जा सकती है । ● First Generation of computer in hindi  (कम्प्युटर की प्रथम पीढ़ी) : Vacuum Tubes ( वैक्यूम ट्यूब्स) ( 1946 - 1958 ):- प्रथम इलेक्ट्रॉनिक ' कम्प्यूटर 1946 में अस्तित्व में आया था तथा उसका नाम इलैक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इन्टीग्रेटर एन्ड कैलकुलेटर ( ENIAC ) था । इसका आविष्कार जे . पी . ईकर्ट ( J . P . Eckert ) तथा जे . डब्ल्यू . मोश्ले ( J . W .

पर्सनल कंप्यूटर | personal computer

पर्सनल कंप्यूटर क्या है? ( Personal Computer kya hai ?) :- personal computer definition :- ये Personal computer  क्या है शायद हम सभी लोगों यह  पता होगा क्यूंकि इसे हम अपने घरों में, offices में, दुकानों में देखते हैं  Personal computer (PC) किसी भी उपयोगकर्ता के उपयोग के लिए बनाये गए किसी भी छोटे और सस्ते कंप्यूटर का निर्माण किया गया । सभी कम्प्युटर Microprocessors के विकास पर आधारित हैं। Personal computer  का उदाहरण माइक्रो कंप्यूटर,  डेस्कटॉप कंप्यूटर, लैपटॉप कंप्यूटर, टैबलेट हैं। पर्सनल कंप्यूटर के प्रकार ( personal computer types ):- ● डेस्कटॉप कंप्यूटर (Desktop) ● नोटबुक (Notebook) ● टेबलेट (tablet) ● स्मार्टफोन (Smartphone) कम्प्युटर का इतिहास ( personal computer history) :- कम्प्यूटर के विकास   (personal computer evolution)  के आरम्भ में जो भी कम्प्यूटर विकसित किया जाता था , उसकी अपनी एक अलग ही संरचना होती थी । तथा अपना एक अलग ही नाम होता था । जैसे - UNIVAC , ENIAC , MARK - 1 आदि । सन् 1970 में जब INTEL CORP ने दुनिया का पहला माइक्रोप्रोसेसर (

foxpro commands in hindi

आज हम computers in hindi मे  foxpro commands  क्या होता है उसके कार्य के बारे मे जानेगे?   foxpro all commands in hindi  में  तो चलिए शुरु करते हैं-   foxpro commands in hindi:-  (1) Clear command in foxpro in hindi:-  इस  command  का प्रयोग  foxpro  की main स्क्रीन ( जहां रिकॉर्ड्स / Output प्रदर्शित होते हैं ) को Clear करने के लिए किया जाता है ।  (2) Modify Structure in foxpro in hindi :-  इस  command  का प्रयोग वर्तमान प्रयुक्त  डेटाबेस  फाईल के स्ट्रक्चर में आवश्यक परिवर्तन करने के लिए किया जाता है । इसके द्वारा नये फील्ड भी जोड़े जा सकते हैं तथा पुराने फील्ड्स को हटाया व उनके साईज़ में भी परिवर्तन किया जा सकता है ।  (3) Rename in foxpro in hindi :-  इस  command  के द्वारा किसी  database  file का नाम बदला जा सकता है जिस फाईल को Rename करना हो वह मैमोरी में खुली नहीं होनी चाहिए ।   Syntax : Rename < Old filename > to < New filename >  Foxpro example: -  Rename Student.dbf to St.dbf (4) Copy file in foxpro in hindi :- इस command के द्वारा किसी एक डेटाबेस फाईल के रिकॉ