राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे साल में छह उत्सवों का आयोजन करता है- 1. विजयादशमी उत्सव 2. मकर संक्रांति उत्सव 3. वर्ष प्रतिपदा उत्सव 4. हिंदू साम्राज्य दिनोत्सव 5. गुरु पूर्णिमा उत्सव 6. रक्षाबंधन उत्सव संघ ने इन छह महोत्सवों को क्यों चुना? इस दर्शन के पीछे के उद्देश्य के बारे में विस्तार से 'संघ उत्सव' में बताया गया है। 'संघ उत्सव' में द्वितीय संघ प्रमुख मा.स. गोलवलकर और तृतीय सरसंघचालक बाला साहेबदेवरस की टिप्पणियाँ तथा विचारों को समाहित किया गया है- “संघ ने इन उत्सवों को इनके नाम और उद्देश्यों से जोड़ने के लिए इन्हें चुना। लोगों को समझना चाहिए कि संघ ने अपनी तरफ से किसी नए त्योहार का सृजन नहीं किया है; लेकिन ये त्योहार राष्ट्रीय महत्त्व के हैं और हिंदू समाज आदिकाल से इनको आयोजित करता आ रहा है।" संघ के छह राष्ट्रीय उत्सव: विजयादशमी से गुरु पूर्णिमा तक का संपूर्ण दर्शन 1. विजयादशमी शस्त्र पूजन (Vijayadashami Shastra Pujan) विजयादशमी उत्सव हालाँकि स्वयंसेवकों के लिए सारे उत्सव समाज महत्ता के हैं, परंतु इस महोत्सव का संघ के हृदय से नाता है;...