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External sorting algorithm | External sorting in hindi

 आज हम Relational database management system (RDBMS)  में external sorting algorithm और external sorting example के बारे मे जानेगे क्या होता है तो चलिए शुरु करते हैं:-

External sorting algorithm:-

Sorting से तात्पर्य किसी निश्चित फील्ड की वैल्यू के अनुसार डेटाबेस फाईल के सारे रिकॉर्ड्स को एक निश्चित क्रम में जमाना है। यह क्रम आरोही (ascending) या अवरोही (descending) हो सकता है । सॉर्टिंग दो प्रकार की होती है , प्रथम आन्तरिक सॉर्टिंग तथा द्वितीय बाह्य सॉर्टिंग । जो डेटाबेस फाईलें मुख्य मैमोरी अर्थात् आन्तरिक मैमोरी में जाती हैं अर्थात् छोटी होती हैं , ऐसी फाईलों आन्तरिक मैमोरी में ही सॉर्ट किया जाता है इस प्रकार की सॉर्टिंग को आन्तरिक सॉर्टिंग कहा जाता है । ऐसी डेटाबेस फाईलें जो आन्तरिक मैमोरी में समा नहीं सकती हैं उन्हें बाह्य मैमोरी की सहायता से सॉर्ट किया जाता है , इस प्रकार की सॉर्टिंग को बाह्य सॉर्टिंग (external sorting) कहा जाता है ।
क्वैरी प्रोसेसिंग अर्थात् क्वैरी की प्रक्रिया के अन्दर सॉर्टिंग की एल्गोरिथ्य एक प्रमुख भूमिका निभाती है । क्वैरी प्रोसेसिंग के अन्तर्गत प्रयोग की जाने वाली एल्गोरिथ्म में यह एक प्राथमिक एल्गोरिथ्य है । क्वैरी के अन्तर्गत यदि user द्वारा रिकॉर्ड्स के सॉर्टिग की मांग की जाती है तो एस.क्यू एल . के द्वारा रिकॉर्ड्स को सॉर्ट किया जाता है । डेटाबेस की बड़ी फाइलें जो कि डिस्क पर संचित ( stored ) हैं तथा वे मुख्य मैमोरी में पूरी तरह से समा नहीं सकती ऐसी डेटाबेस फाईलों को बाह्य सॉर्टिंग का प्रयोग करके सॉर्ट किया जाता है ।
इस प्रकार की सॉर्टिंग के अन्तर्गत सॉर्ट - मर्ज पद्धति अपनाई जाती है । इसके अन्तर्गत मैमोरी में बफर स्पेस अर्थात् खाली जगह रोक ली जाती है तथा बड़ी डेटाबेस फाईल को छोटी - छोटी उप फाईलों ( sub files ) में विभाजित किया जाता है तथा उन्हें इस बफर स्पेस में लोड किया जाता है । इन उप - फाईलों को एक - एक करके सॉर्ट कर उन्हें आपस में मर्ज कर दिया जाता है । इस पद्धति की एल्गोरिथ्म में दो स्थितियां होती हैं , प्रथम स्थिति उप - फाईलों को सॉर्ट करना तथा द्वितीय स्थिति सॉर्ट की हुई उप - फाईलों को आपस में मर्ज करके एक सॉर्टेड फाईल का निर्माण करना है । 

Types of external sorting: -

1. प्रथम स्थिति : उप - फाईलों को सॉर्ट करना 
2. द्वितीय स्थिति : उप - फाईलों को आपस में मर्ज करना

1. प्रथम स्थिति : उप - फाईलों को सॉर्ट करना (1. First Position: Sorting Subfiles):-

बाह्य सॉर्टिंग की इस स्थिति में वे उप - फाईलें जो आन्तरिक मैमोरी अर्थात् मुख्य मैमोरी के बफर स्पेस में आ सकती हैं को बफर स्पेस में लोड किया जाता है । इन उप - फाईलों को आन्तरिक सॉर्ट एल्गोरिथ्म का प्रयोग करके सॉर्ट किया जाता है । बाद में इन सॉर्ट की हुई उप - फाईलों को पुनः डिस्क पर अर्थात् बाह्य मैमोरी में अस्थाई रूप से संचित किया जाता है । 

2. द्वितीय स्थिति : उप - फाईलों को आपस में मर्ज करना (Second Status: Merging Sub-Files):-

बाह्य सॉर्टिंग की इस स्थिति में बाह्य मैमोरी में अस्थाई रूप से संचित उप फाईलों को एक या अधिक हस्तान्तरण में मर्ज किया जाता है । प्रत्येक हस्तान्तरण में एक साथ मर्ज की जाने वाली उप - फाईलों की संख्या को degree of merging ( dm ) कहा जाता है । 

external sorting Algorithm : -

Step 1 - Read data from database 
Step 2- Create buffer space in memory Step 
3 - Divide database in sub - files according to the buffer space 
Step 4- Sort sub - files using internal sorting algorithm 
Step 5- Merge the sorted sub - files using merging algorithm 


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