सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

relational data structure in dbms - dbms in hindi

 Relational data structure in dbms in hindi:-

इसमे एक Relational, डेटा को Two dimensional table के नाम से जाना जाता है प्रत्येक रिलेशन या डेटा Named Columns का group और बहुत सी Unnamed rows को रखता है और एक Attribute या quality एक relation के column का नाम है । इसमे प्रत्येक row एक रिकॉर्ड के Identical होती है , जो Single entity के लिए Data value या Attribute रखती है और टेबल में ' STUDENT रिलेशन का एक example Indicates है। 
यह रिलेशन students को define करने के लिए निम्न Attribute , Stud - Id , Name , Sub Name और Class को Include करता है और table की तीन row , तीन student के Identical हैं । यह आवश्यक है कि टेबल में show किया गया डेटा , सेम्पल डेटा है जिसका objective STUDENT रिलेशन की structure को show करना है यदि हम table के डेटा की row में एक अन्य line से जोड़ते हैं , तो भी रिलेशन STUDENT वैसा ही रहेगा तथा यदि रिलेशन STUDENT से कोई line मिटाई जाती है और तब भी वह वैसा ही रहेगा।
यदि हम टेबल में show की गई सभी lines मिटा दें तो भी रिलेशन STUDENT वैसा ही बना रहेगा । इसमे विभिन्न प्रकार से Specified , टेबल और रिलेशन STUDENT का एक Instance या structure है ।
Relational data structure in dbms
इसमे हम किसी रिलेशन की Structure को Shorthand notation द्वारा defile कर सकते हैं , इस Shorthand notation में व रिलेशन का नाम और रिलेशन में Present Attributes के नीचे Parentheses में आता है : 
STUDENT ( Stud - Id , Name , Sub - Name , Class)

1.रिलेशन कीज :- 

इसमे हम किसी रिलेशन में डेटा की line को store करके व किसी line की रिलेशन से Received करने में Capable होते हैं और किसी रिलेशन में lines को store करना या Received करना उस line में store डेटा वेल्यूज पर based होता है ।

2. प्रायमरी'की ' :- 

इसमे इस objective को Received करने के लिए हर रिलेशन प्रायमरी ' की ' की arrangement रखता है और एक प्रायमरी ' की ' एक ऐसा Attribute या Attributes का coincidence है और जो रिलेशन में उपस्थित प्रत्येक पंक्ति की अलग पहचान करता है । हम Attribute नाम को define करके प्रायमरी ' की ' बना सकते हैं
 उदाहरण:-  STUDENT रिलेशन के लिए प्रायमरी ' की ' Stud - Id है । टेबल में यह Attribute अन्डरलाईन करके अलग से Indicated गया है । 
 STUDENT ( Stud - Id , Name , Sub - Name , Class )

3. कम्पोजिट ' की ' :- 

इसमे एक कम्पोजिट ' की ' एक प्रकार से प्रायमरी ' की ' ही है जो एक से अधिक Attributes को शामिल करती है । 
उदाहरण : रिलेशन LIBRARY के लिए प्रायमरी ' की ' , Stud - Id और Sub - Name दो Attributes का coincidence है।
इसमे यहाँ Sub - Name Attribute , STUDNET में फॉरेन ' की ' है और यह user को किसी भी स्टूडेंट को Provide किए गए क्लास के नाम के द्वारा उस स्टूडेंट से जुड़ने की Permission Provide करती है । 
जैसे : STUDENT ( Stud - Id , Name , Sub - Name , Class )








टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Query Optimization in hindi - computers in hindi 

 आज  हम  computers  in hindi  मे query optimization in dbms ( क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन) के बारे में जानेगे क्या होता है और क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन (query optimization in dbms) मे query processing in dbms और query optimization in dbms in hindi और  Measures of Query Cost    के बारे मे जानेगे  तो चलिए शुरु करते हैं-  Query Optimization in dbms (क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन):- Optimization से मतलब है क्वैरी की cost को न्यूनतम करने से है । किसी क्वैरी की cost कई factors पर निर्भर करती है । query optimization के लिए optimizer का प्रयोग किया जाता है । क्वैरी ऑप्टीमाइज़र को क्वैरी के प्रत्येक operation की cos जानना जरूरी होता है । क्वैरी की cost को ज्ञात करना कठिन है । क्वैरी की cost कई parameters जैसे कि ऑपरेशन के लिए उपलब्ध memory , disk size आदि पर निर्भर करती है । query optimization के अन्दर क्वैरी की cost का मूल्यांकन ( evaluate ) करने का वह प्रभावी तरीका चुना जाता है जिसकी cost सबसे कम हो । अतः query optimization एक ऐसी प्रक्रिया है , जिसमें क्वैरी अर्थात् प्रश्न को हल करने का सबसे उपयुक्त तरीका चुना

What is Message Authentication Codes in hindi (MAC)

What is  Message Authentication Codes in hindi (MAC) :- Message Authentication Codes (MAC) , cryptography के सबसे attractive और complex areas में से एक message authentication और digital signature का area है। सभी क्रिप्टोग्राफ़िक फ़ंक्शंस और प्रोटॉल्स को समाप्त करना असंभव होगा, जिन्हें message authentication और digital signature के लिए executed किया गया है।  यह message authentication और digital signature के लिए आवश्यकताओं और काउंटर किए जाने वाले attacks के प्रकारों के introduction के साथ होता है। message authentication के लिए fundamental approach से संबंधित है जिसे Message Authentication Code (MAC)  के रूप में जाना जाता है।  इसके दो categories में MACs की होती है: क्रिप्टोग्राफिक हैश फ़ंक्शन से बनाई और ऑपरेशन के ब्लॉक सिफर मोड का उपयोग करके बनाए गए। इसके बाद, हम एक relatively recent के approach को देखते हैं जिसे Authenticated encryption के रूप में जाना जाता है। हम क्रिप्टोग्राफ़िक हैश फ़ंक्शंस और pseudo random number generation के लिए MCA के उपयोग को देखते हैं। message authentication ए