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macro in ms excel in hindi

features of ms word in hindi

 आज हम computer in hindi मे features of ms word in hindi (एम एस वर्ड की मुख्य विशेषताएँ)- Ms-excel tutorial in hindi के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं-

features of ms word in hindi(एम एस वर्ड की मुख्य विशेषताएँ):-

  1. Editing 
  2. Storage
  3. Recycling 
  4. Speed
  5. Formatting 
  6. So
  7. Find/search
  8. Find and replace
  9. Grammar
  10. Thesaurus 
  11. Graphic 
  12. Mail margin 

1. सम्पादन ( Editing ):-

हम इसकी सहायता से किसी भी दस्तावेज को मनचाही बार संशोधित कर सकते हैं तथा उसमें परिवर्तन भी कर सकते हैं । दस्तावेज में से अनचाहे भाग को हटा सकते हैं व उसमें नया भाग जोड़ सकते हैं । 

2. भण्डारण ( Storage ):-

एक दस्तावेज को जब तक हम चाहें कम्प्यूटर मेमोरी में सुरक्षित करके रख सकते हैं । सुरक्षित किए दस्तावेज की जब भी आवश्यकता पड़े तो हम उसको दुबारा प्राप्त करके प्रयोग में ले सकते हैं । 

3. रिसाइक्लिंग:-

 यदि आप कोई दस्तावेज तैयार करना चाहते हैं और उससे मिलता जुलता दस्तावेज पहले से ही कम्प्यूटर की स्मृति में मौजूद है तो उसे दुबारा टाइप करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी । आप पुराने दस्तावेज में नया भाग जोड़ कर उसको काम में ले सकते हैं । जब हमारा दस्तावेज पूरी तरह से तैयार हो जाता है तो उसको कितनी भी बार छाप सकते हैं ।

4. तेज गति :-

जब हम typewriter पर काम करते हैं तो धीमी गति कार्य होता है । इस पर टाइप करते हुए यह ध्यान रखना होता है कि कब लाइन के अन्त में पहुंच गए हैं और उसके बाद नयी लाइन पर शिफ्ट करना होता है । MS - Word में यह समस्या नहीं है । इसमें हम लगातार Type कर सकते हैं । जैसे ही हम लाइन के अन्त में पहुँचते हैं वर्ड प्रोसेसर अपने आप नई लाइन पर पहुँचा देता है । टाइप करते समय गलतियों पर भी ध्यान देना आवश्यक नहीं होता है क्योंकि इसमें संशोधन किया जा सकता है । 

5. Formatting:-

इसके द्वारा हम कभी भी दस्तावेज का प्रारूप बदल सकते हैं । जब चाहें तब पेज का Layout बदल सकते हैं । किसी भी अक्षर , शब्द , पैराग्राफ का प्रारूप बदला जा सकता है । अगर चाहें तो पूरे दस्तावेज का प्रारूप भी बदल सकते हैं ।

6. स्पैलिंग चैक करना:-

 टाइप करते समय जो भी स्पैलिंग की गलती हुई है उनको पढ़कर हम गलतियों में सुधार भी कर सकते हैं । लेकिन इसमें समय काफी लगता है । इसमें लगभग सभी शब्दों की स्पैलिंग चैक करने की सुविधा प्रदान की गई है जिसके द्वारा हम काफी आसानी से यह कार्य कर सकते हैं । 

7. Find / Search की सुविधा:-

User इसकी सहायता से एक दस्तावेज में किसी भी शब्द को ढूँढ़ सकता है । यदि आप वर्ड प्रोसेसर को किसी शब्द को ढूंढ़ने का document में आपको उस स्थान पर ले जायेगा जहाँ वह शब्द पहली बार आया है।

 8. Find / Replace सुविधा :-

कोई भी user इसकी सहायता एक शब्द को ढूँढ़ कर उसको दूसरे शब्द से बदल सकता है । इसमें कोई भी शब्द एक से अधिक बार आये तो उसको भी हम दूसरे शब्द से बदल सकते हैं । 

9.व्याकरण ( Grammar ) :-

वर्ड - प्रोसेसर की सहायता से एक सीमा तक व्याकरण सम्बन्धी गलतियों को भी आसानी के साथ सुधार कर सकते हैं । इसमें व्याकरण से सम्बन्धित गलती होगी तो उस वाक्य के नीचे हरी लाइन दिखाई देती है जिससे हमें इसके बारे में पता लग जाता है।

  10. Theasaurus:-

 यह एक समान अर्थ वाले शब्दों का शब्दकोश होता है । इसकी सहायता से वर्ड प्रोसेसर आपको किसी भी शब्द का पर्यायवाची शब्द बता सकता है और आप इनमें से इच्छानुसार किसी भी शब्द का चुनाव कर सकते हैं । 

11.Graphics:-

 आजकल सभी Word Processor हमें document में ग्राफिक्स शामिल करने की सुविधा प्रदान करते हैं । इसकी सहायता से बने हुए Document में हम चित्र को शामिल कर सकते हैं । 

12. मेल मर्जिंग :-

 इस सुविधा का प्रयोग हजारों पन्नों को तैयार करने के लिए किया जाता है । जब हम इसका प्रयोग करते हैं तब हमें केवल नाम व पते वाला भाग ही प्रत्येक पत्र में अलग - अलग देना पड़ता है । एक प्रकाशक के पास सभी ग्राहकों के नाम व पते होते हैं । यदि ये Computer पर उपलब्ध हों तो हम इसकी सहायता से बिना किसी परिश्रम के कुछ ही षणा ये हजारों पत्र तैयार कर सकते हैं । वर्ड प्रोसेसर एक - एक करके नाम व पते लेकर सभी पात्र अपने आप ही तेयार कर देगा।

Main steps of word processing:-

1. नया Document / File बनाना :-

यदि हम नये दस्तावेज पर कार्य करना चाहते हैं तो सबसे पहले एक नयी फाइल बनानी पड़ेगी । इसके बाद ही आगे काम कर सकते हैं । इस कार्य के लिए Open Command का use करते हैं । 

2. Document / File को ओपन करना :-

यदि हम कम्प्यूटर की मैमोरी में स्थित किसी दस्तावेज में कोई भी परिवर्तन करना चाहते हैं या उसको स्क्रीन पर देखना चाहते हैं तो सबसे पहले उस फाइल को ओपन करना पड़ेगा जिसमें वह document सुरक्षित है । 

3. Typing Text:-

जब हम एक नया document create कर लेते हैं तो उसके बाद ही  उसमें कुछ भी Text Type कर सकते हैं ।

4. Editing of Document:-

 जब हमारा typing का कार्य पूरा हो जाता है तब Edit करने का कार्य करते हैं । हम cursor को माउस की सहायता से वहाँ पर लायेंगे जहाँ Editing करनी है । आवश्यकतानुसार insertion , deleting या overwriting भी कर सकते हैं।

5. Spelling Check:-

इस चरण में स्पैलिंग चैक करने की सुविधा का उपयोग करके स्पैलिंग से सम्बन्धित गलतियों को ठीक कर सकते हैं । 

6. Saving a Document:-

 दस्तावेज में जो कुछ भी टाइप करते हैं या संशोधन करते है , वह कम्प्यूटर की प्राथमिक मेमोरी में रहता है जो कि अस्थायी होता है । बिजली बन्द हो की जाने पर टाइप किया गया Text व सारे संशोधन नष्ट हो जायेंगे । अतः उस दस्तावेज को कम्प्यूटर मुख्य मेमोरी में कुछ समय बाद सेव करते रहें । जब किसी Document को save करते हैं तब यह computer की Secondary Storage में एक फाइल में सेव हो जाता है जो कि एक स्थायी मेमोरी होती है । इस document की आवश्यकता पड़ने पर उसको दुबारा भी प्राप्त कर सकते हैं ।

7. दस्तावेज को नाम देना :-

 यदि हम एक पुराने document पर काम कर रहे हैं तो वह पहले से ही एक फाइल में भण्डारित हो जाता है । अत : जब हम इसको save करेंगे तब संशोधित document इसी नाम की फाइल में सेव हो जायेगा । परन्तु आप यदि एक नये document में काम कर रहे हैं तो save करते समय आपको उस फाइल का नाम बताना होगा जिसमें आप document को सुरक्षित करना चाहते हैं । 

8. Printing a Document:-

जब हमारा document पूरा हो जाता है , तब हम उसका प्रिन्ट आउट भी प्राप्त कर सकते हैं जिसे ' हार्ड कॉपी ' के नाम से जाना जाता है ।

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