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process scheduling in hindi

आज हम computer course in hindi मे हम process scheduling in operating system in hindi के बारे में बताएगें तो चलिए शुरु करते हैं- 

process scheduling in hindi :-

Process Scheduling , ऑपरेटिंग सिस्टम का यह fundamental work है । कम्प्यूटर के सभी resources को प्रयोग करने से pre schedule करना आवश्यक होता है , परन्तु सभी resources में CPU प्रमुख resources होने के कारण , ऑपरेटिंग सिस्टम को डिजाइन करने में CPU को schedule करने की Planning होती है ।  scheduling का प्रमुख उद्देश्य , CPU की उपयोगिता तथा सिस्टम के कार्यक्षमता को दिए गए समय में  throughput को बढ़ाना है । ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा Process Scheduling की Process Scheduling के द्वारा edited की जाती है । schedulere ऑपरेटिंग सिस्टम का एक प्रोग्राम है , जो प्रोसेस को execute करने के लिए प्रोसेस को Job queue से select करता है । CPU शिड्यूलिंग वैसे ऑपरेटिंग सिस्टम के मूल आधार हैं जिसमें जो multiprogramming का support करते हैं जैसा कि हम जानते हैं कि multiprogramming का प्रमुख perpose एक ही समय एक साथ एक से अधिक प्रोसेसर को रन करना होता है । ताकि CPU की utilization को बढ़ाया जा सकता है ।

Types of Process Scheduling in hindi:-

1. Long Term Process Scheduling in hindi 
2. Medium Term Scheduling in hindi 
3. Short Term Scheduling in hindi  

1. Long Term Process Scheduling in hindi (Job Scheduling in hindi):-

इसको Job Scheduling भी कहा जाता है । Long Term Scheduler यह निश्चित करता है , कि कौन सा job immediate processing के लिए CPU में admit किया जाएगा कि बैच - ऑपरेटिंग सिस्टम में अक्सर वहाँ proceses कहीं उससे अधिक संख्या में विभिन्न user द्वारा submit किए जाते हैं इसमें जितने processes को immediately किया जा सकता है user द्वारा submit किए गए processes को mass storage device , जैसे डिस्क में , बाद में processing करने के लिए store किया जाता है और Long Term Scheduler इन proceses को डिस्क से select कर मेमोरी में execution के लिए लोड करता है । ये processes जो मेन मेमोरी में रहते हैं ( ready तथा waiting state ) एक list में रखे जाते हैं , जिसको रेडी क्यू ( redy Queue ) कहते हैं । Ready Queue को linked list के रूप में स्टोर किया जाता है । Ready Queue का header लिस्ट के प्रथम और अंतिम PCBs के प्वॉइन्टर की जानकारी रखता है ।

process scheduling in hindi


Short Term Scheduler , जिसे CPU Scheduling भी कहा जाता है , मेमोरी से Processes के बीच से वैसे प्रोसेस को सलेक्ट करता है जिसमें execute होने के लिए ready स्टेट में रहता है तथा सलेक्ट किए गए प्रोसेस के लिए CPU को assign कर देता है । Long Term Scheduling, Short Term Scheduling की तुलना में अधिक समय में execute करता है । जहाँ Long Term Scheduling एक या दो मिनटों के interval पर execute करता है क्योंकि दो प्रोसेस के बीच नए प्रोसेस को सिस्टम में create होने पर कुछ मिनटों का interval हो सकता है और वहीं Short Term Scheduling , 100 मिली सेकण्डों के interval पर execute कर सकता है तथा CPU के लिए नए प्रोसेस को सलेक्ट कर सकता है । अतः Short Term Scheduling का fast होना आवश्यक है । Long term scheduler मल्टीप्रोग्रामिंग की डिग्री को Control करता है । यहाँ degree of multiprogramming का मतलब मेमोरी में प्रोसेस की संख्या की संख्या की उपलब्धता से है । यदि मल्टीप्रोग्रामिंग की डिग्री stable होती है इसमें तो प्रोसेस creation की average rate निश्चित रूप से प्रोसेस के सिस्टम के अलग होने के दर के बराबर होना चाहिए । जब कोई प्रोसेस स्थायी रूप से सिस्टम को छोड़ता है , तो Long Term Scheduling को execute करने की आवश्यकता होती है और चूंकि प्रोसेस को execute करने पर CPU एक लम्बा समय लेता है ,  Long Term Scheduling execution के लिए प्रोसेस में एक लम्बा समय ले सकता है । Long Term Scheduler के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वह प्रोसेस का चुनाव काफी सावधानी करते है । 
इसको Processes को दो categories में रखा जा सकता है- I / O Bound तथा CPU Bound I / O Bound processes हैं जो कम्प्यूटेशन से अधिक समय इनपुट / आउटपुट आपरेशन्स पर spent करते हैं । CPU Bound प्रोसेसेस वे हैं जो इनपुट / आउटपुट ऑपरेशन्स की तुलना में computation पर अधिक समय spend करते हैं और Long Term Scheduler को I / O Bound तथा CPU Bound प्रोसेस के mixed process को सलेक्ट करना चाहिए । यदि प्रोसेसेस I / O Bound प्रोसेसेस , CPU Bound प्रोसेस होते हैं , तो I / O waitng queue हमेशा empty रहता है क्योंकि कोई भी प्रोसेस IVO ऑपरेशन के लिए प्रतीक्षा नहीं करता है तथा सिस्टम unbalanced हो जाता है । अत : अच्छे performance के लिए , Long Term Scheduler को CPU Bound तथा I / O Bond दोनों प्रोसेस के combination को सलेक्ट करना चाहिए ।

2. Medium Term Scheduling in hindi:-

इसमें जैसा कि हम जानते हैं , ज्यादातर jobs में इनपुट / आउटपुट ऑपरेशन्स की आवश्यकता होती है । ऐसे jobs अर्थात् प्रोसेसेस, I / O ऑपरेशन्स के समय suspend कर दिए जाते हैं एवं इन्हें मैन मेमोरी से हार्ड डिस्क में transferred कर दिया जाता है और जिससे कि अन्य प्रोसेस के लिए मेन मेमोरी में जगह खाली हो जाती है । कुछ समय के पश्चात् इन प्रोसेसेस अर्थात् suspended processes को डिस्क से मेमोरी में पुनः लोड किया जाता है तथा इनके एक्जक्यूशन को वहीं से continue किया जाता है , जहाँ से पहले इन्हें suspend किया गया रहता है । इन suspended process को मेमोरी से डिस्क में transferred करने की प्रक्रिया swapping out कही जाती है और Medium Term Scheduling ही प्रोसेसेस को swap out और swap in करने का कार्य करता है । जिस moment किसी प्रोसेस का ससपेन्डिंग कन्डीशन full-fill होता है , उसी moment medium term Scheduling मेमोरी को allocate करने तथा प्रोसेस को Swap in करने के लिए active होता है । Medium Term Scheduling को सही ढंग से कार्य करने के लिए Swapped out प्रोसेस के लिए Memory requirement की information provid की जाती है । इसमें किसी प्रोसेस को swap करते समय ही उस प्रोसेस का swpa - out information रिकॉर्ड होता है उस प्रोसेस से releted इन्फॉर्मेशन process control block  में स्टोर होता है । 
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3. Short Term Scheduling in hindi:-

यह Short Term Scheduling उन प्रोसेसेस को CPU को allocate करता है , जो ready queue में होते हैं । यह प्रोसेसेस की immediate processing के लिए CPU को allocate करता है और Short Term Scheduler को CPU Scheduling भी कहा जाता है । Short Term Scheduling का प्रमुख perpose CPU का अधिक प्रयोग करना है । इसे नए प्रोसेस के execution के लिए सलेक्ट करने के लिए काफी तेजी से अर्थात् कम Time interval पर execution करना चाहिए ।

Scheduling and Performance Criteria in hindi:-

 कम्प्यूटर सिस्टम के performance को बेहतर बनाने के लिए इसको Scheduler desingn में performance criteria किया जाता है । 
1. CPU Utilization 
2. Throughput
3. Turnaround Time  
4. Waiting Time 
5. Response Time 

1. CPU Utilization :-

यदि CPU को हमेशा मतलब हर पल Computation में busy रखा जाता है , तो इससे system performance की दर बढ़ जाती है । अतः इसके अंतर्गत CPU को हमेशा busy रखने की योजना को scheduler design में implement किया जाता है । 

2. Throughput :-

Throughput का यह मतलब एक Unit समय में कम्प्यूटर द्वारा किए गए कार्य से होता है । throughput को मापने करने का एक तरीका यह भी है कि कम्प्यूटर कितने processes को एक unit समय में पूरा करता है । long processes के लिए यह दर एक प्रोसेस प्रति घंटा हो सकता है और जबकि short processes के लिए यह दर मतलब throghput 10 प्रोसेसेस प्रति सेकण्ड हो सकती है । 

3. Turnaround Time :-

इसमें किसी प्रोसेस के submission के समय से लेकर प्रोसेस के पूरा completion होने तक के बीच में लगे समय को turnaround time कहा जाता है और turnaround time किसी प्रोसेस को मेमोरी में लोड होने की प्रतीक्षा में लगा समय ready queue में Wait में लगा समय , CPU में execute करने में लगा समय तथा इनपुट / आउटपुट ऑपरेशन्स ( I / O ) Operations ) में लगे समय का योग होता है ।

4. Waiting Time :-

यह हम जानते हैं कि multiprogramming operating system मेमोरी में एक साथ एक से अधिक jobs रहते है , जबकि CPU एक समय एक ही job को execute कर सकता है । अतः rest jobs CPU के allotment के लिए wait करते रहते हैं । इसमें किसी जॉब अथवा प्रोसेस के waiting time को प्रोसेस के turnaround time तथा प्रोसेस के processing में लगे समय के अंतर के रूप में express किया जाता है ।
 waiting time = turnaround time - processing time 

5. Respones Time :-

 response time , टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम तथा रीयल टाईम ऑपरेटिंग सिस्टम की डिजाइनिंग में वह factor है। response time किसी प्रोसेस द्वारा लिया गया वह समय है , जब से प्रोसेस रेसपॉन्ड करना start कर देता है । इसके performance criterias के चुनाव में performance criterias एक दूसरे से conflict करते हैं । 

Difference Between Long Term & Short Term Schedular in hindi:-

Long Term :-

1. यह job group में से प्रोसेस का चयन करता है और उनको मेमोरी में लोड भी करता है । 
2. यह कम तीव्रता से Implementation करता है । यह मल्टिप्रोग्रामिंग के स्तर अर्थात मेमोरी में प्रोसेसों की संख्या को भी control करता है और यह एक नई प्रोसेस के बनने या उपलब्ध प्रोसेस के पूरा होने पर सिस्टम से बाहर निकलने पर ही executed भी होता है । 
3. यह प्रोसेस का सावधानी से चयन करता है , अर्थात प्रोसेस के CPU और I / O के Bound type का योग होना चाहिये।

2. Shot Term :-

1. यह मेमोरी से प्रोसेस का चयन कर CPU को भेजता है ।
2. यह अधिक तीव्रता से चलता है , क्योंकि CPU के लिये एवं तेजी से इसे एक नई प्रोसेस का चयन करना होता है । एक प्रोसेस CPU को केवल कुछ मिलिसेकण्ड तक ही busy रख सकती है और इसके बाद उसे एक ओर प्रोसेस की आवश्यकता होती है । 
3. इसे कुछ नहीं करना पड़ता है ।


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