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virtual memory in operating system in hindi

 आज हम computer course in hindi मे हम  virtual memory in operating system in hindi के बारे में जानकारी देते क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- 

virtual memory in operating system in hindi:-

Virtual Memory एक तकनीक होती है जो प्रोसेसेज में implementation करती है जो मैमोरी में पुरे नहीं हो सकते हैं । इस Plan का एक गुण यह है कि प्रोग्राम  Physical Memory से अधिक लम्बे हो सकते हैं । इसके अलावा , ये Main Memory को extremely बड़े , स्टोरेज के समान Array , divided Logical Memory को Physical Memory से user द्वारा protected करता है । ये तकनीक प्रोग्रामर्स को Various memory storage limit के ऊपर स्वतंत्र छोड़ देती है । virtual memory implementation में सरल नहीं है और फिर भी यदि ये लापरवाही से use की जाती है तो ये display को वास्तविक रूप से कम कर सकती है । memory - management algorithm एक बैसिक आवश्यकता के कारण आवश्यक है । Instructions Physical Memory में execute किये जाने चाहिये । इस आवश्यकता से मिलने की पहली Approach complete logical address space को physical memory में Establish करना है । Overlays और dynamic loading इस restrictions को आसान बनाने में सहयोग दे सकती है। क्योंकि ये प्रोग्राम के आकार को फिजिकल मैमोरी के आकार से सीमित बनाता है । रीयल प्रोग्राम्स का testing हमें सम्पूर्ण प्रोग्राम की आवश्कता नहीं होती है । 
यूजर्स बड़े virtual address space , Programming task को सरल बनाने के लिये प्रोग्राम्स को लिखने में सक्षम होते हैं । चूंकि प्रत्येक यूजर प्रोग्राम कम physical memory को रख सकता है , अधिकतर प्रोग्राम्स समान समय पर सी.पी.यू. उपयोग और Throughput में uniform growth के साथ कार्य नहीं कर सकते हैं । लेकिन Response Time या Turnaround Time के साथ कार्य नहीं कर सकते हैं । इसे न्यूनतम I / O को प्रत्येक यूजर प्रोग्राम को मैमारी मे लोड करने की आवश्यकता हो सकती है , इसलिये प्रत्येक यूजर प्रोग्राम शीघ्रता से कार्य कर सकता है । अतः एक प्रोग्राम जो पूर्ण रूप से मैमोरी मे नहीं है , का कार्य करना सिस्टम और यूजर दोनों के लिये लाभदायक होगा ।
वर्चुअल मैमोरी , यूजर logical memory का physical memory से division होता है । ये division एक बड़ी virtual memory का प्रोग्राम्स को प्रदान करने के लिये लागु करते हैं जबकि केवल एक physical memory उपलब्ध होती है virtual memory प्रोग्रामिंग के कार्य को अधिक सरल बनाती है क्योंकि प्रोग्रामर को उपलब्ध physical memory के परिणाम के बारे में चिन्ता करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है या न कि इस बारे में कि ओवरलेज में क्या कोड Establish किया जा सकता है , लेकिन इसके स्थान पर प्रोग्राम की समस्या के ऊपर control किया जा सकता है । उन सिस्टम्स पर जो वर्चुअल मैमोरी को सहयोग देते हैं , Overlay virtually undisplayed होता है । वर्चुअल मैमोरी सामान्य रूप में Demand paging द्वारा executed की जाती है । ये एक segmental system में भी execut किये जा सकते हैं । इसलिये user का विचार भी fragmented होता है लेकिन ऑपरेटिंग सिस्टम इस विचार को Demand paging के साथ executed कर सकता है ।
Demand segmentation का उपयोग वर्चुअल मैमोरी को provide करने के लिये भी किया जा सकता है । Burrough का कम्प्यूटर सिस्टम demand segmentation का उपयोग भी कर चुका है IBM OS / 2 omretung system भी Demand segmentation का उपयोग करता है । फिर भी , Segmentation Replacement Algorithm Page Replacement Algorithm से अधिक complex है क्योंकि Segment variable size रखते हैं ।

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