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Batch Systems in Multiprogram - मल्टी प्रोग्राम्ड बैच सिस्टम्स

 आज हम computer course in hindi मे हम Batch Systems in Multiprogram (मल्टी प्रोग्राम्ड बैच सिस्टम्स) के बारे में बताएगें तो चलिए शुरु करते हैं-

Batch Systems in Multiprogram (मल्टी प्रोग्राम्ड बैच सिस्टम्स) :-

spooling एक महत्वपूर्ण डाटा स्ट्रक्चर प्रदान करती है और वह होता है - job pool । वैसे तो spooling उन बहुत सारे jobs का , जो कि इन ( In ) होने को तैयार है , उनका परिणाम होती है । इस स्थिति में job pool operating system किस job को आगे इन करेगा जिससे कि सी.पी.यू. की पूर्ण क्षमता पर प्रयोग किया जा सके । जब जॉब सीधे कार्ड पर या मेग्नेटिक टेप पर आती है तो यह सम्भव नहीं होता है कि उन jobs को अलग - अलग order में इन किया जाये । उनको उनके आने के order के हिसाब से ही इन किया जा सकता है । इस तकनीक को फीफो ( First In First Out ) कहते हैं । जब बहुत सारी job direct access device पर होती है तो उनमें ही Job Scheduling सम्भव होती है इस बिन्दु में हम महत्वपूर्ण facts के बारे में आगे जानकारी प्राप्त करेगें । इस Job Scheduling  का सबसे महत्वपूर्ण Party होता है उसकी मल्टी प्रोग्राम की क्षमता । ऑफलाइन ऑपरेशन तथा स्पूलिंग जो कि ओवर लैप्ड इनपुट / आउटपुट के लिये होता है , उसकी भी कुछ अपनी सीमायें होती हैं । जिसमें मल्टी प्रोग्रामिंग तकनीक सी.पी.यू. का उपयोग बढ़ा देती है और यह increase all jobs को इस प्रकार सेट होती है जिससे कि सी.पी.यू. में एक न एक job executed होता रहे । 

एक ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में मैमोरी में बहुत सारे जॉबों को रखता है - यह jobs का set उन jobs का subset होता है जो कि job fool में होते हैं और वैसे तो वह job जो कि order से मैमोरी में होते है , उनका आकार job fool  में स्थित आकार से छोटा होता है । ऑपरेटिंग सिस्टम मेमोरी में से एक job को उठाता है तथा उसका implementation शुरू कर देता है । यह job कुछ विशेष टॉस्क के होने का इन्तजार करता है । 
उदाहरण - इनपुट / आउटपुट ऑपरेशन का पूर्ण होना । 
एक मल्टी प्रोग्राम्ड सिस्टम में अगर वह job थोड़े इन्तजार की condition में होता है तो सी.पी.यू. उस job को छोड़कर अगले job को execute करता है । इसके बाद पहला जॉब जिसकी इन्तजार की समय समाप्त हो गई है तो सी.पी.यू. उस job पर वापस आकर उसको execute करता है । वैसे तो कोई न कोई job सदैव execute होती रहती है । ऐसी स्थिति में सी.पी.यू. आइडल condition में नहीं होता है ।
 
मल्टी प्रोग्रामिंग एक ऐसी पहली Intense है जहाँ ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर के लिये निर्णय लेती है । वह सारे जॉब जो कि सिस्टम में enter होते हैं वह सीधे job fool में चले जाते हैं । यह job fool सारे प्रोसेसों को शामिल करता है तथा इनको सीधे मुख्य मैमोरी में एलोकेट करते हैं । अगर बहुत सारे job इस बात के लिये तैयार रहते है कि उन्हें मेमोरी से ले लिया जाये तो उन सबके लिये वहाँ पर room available नहीं होता है तब सिस्टम उन सारे jobs में से कुछ jobs को ही चुनता है । जब ऑपरेटिंग सिस्टम job fool से job को सलेक्ट करता है तो उन jobs को implementation के लिये उन्हें मेमोरी में लोड कर देता है बहुत सारे प्रोग्राम एक ही समय में मैमारी में रहते हैं उससे मेमोरी मैनेजमेन्ट को विभिन्न फार्मों की आवश्यकता होती है । इसके अतिरिक्त अगर बहुत सारे job implementation के लिये तैयार हैं तो सिस्टम उनमें से कुछ को implementation के लिये चुनता है । इस चुनाव के निर्णय को ही हम job scheduling कहते हैं । इस में बहुत सारे job एक साथ इन होते हैं जिससे वह एक दूसरे पर प्रभाव डालते हैं । वे एक दूसरे के अतिरिक्त जिस पर प्रभाव डालते हैं वह है प्रोसेस शेड्यूलिंग , डिस्क स्टोरेज तथा मेमोरी मैनेजमेन्ट इत्यादि ।

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