सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Depth Buffer Algorithm

Depth Buffer Algorithm:-

catmull (1975) द्वारा विकसित depth buffer या Z-Buffer Algorithm यह एक एल्गोरिदम है जो image या स्क्रीन स्पेस में operated होता है, इसे Z-Buffer के रूप में जाना जाता है क्योंकि ऑब्जेक्ट की depth आमतौर पर देखने के plane से देखने की system के Z-axis के साथ मापा जाता है। idea nearest (visible) surface को निर्धारित करने के लिए प्रत्येक surface की  Z-depth का test करना है। एक image की प्रत्येक surface को अलग-अलग process किया जाता है, surface पर एक समय में एक बिंदु एक पिक्सेल के लिए गहराई मूल्यों की तुलना की जाती है और निकटतम (सबसे छोटी z) surface frame buffer में display होने वाले रंग को निर्धारित करती है। यह polygon की surfaces पर बहुत efficiency से लागू होता है। surfaces किसी भी sequence में process किया जा सकता है। method आमतौर पर केवल polygon surface वाले scene पर लागू होती है। polygon surface की depth का पता लगाना आसान है।
यहाँ इस एल्गोरिथम में, two buffer aera का उपयोग किया जाता है। दो बफ़र्स को frame buffer (fresh buffer) और depth buffer के रूप में किया गया है।
depth buffer का उपयोग (x, y) स्थिति के लिए depth values को store करने के लिए किया जाता है, क्योंकि surfaces को processed किया जाता है (0 ≤ गहराई≤ 1)।
फ़्रेम बफ़र का उपयोग प्रत्येक स्थिति (x, y) पर color value के intensity value को store करने के लिए किया जाता है। polygon tables में enlisted प्रत्येक सतह को तब process किया जाता है, एक समय में एक स्कैन लाइन प्रत्येक पिक्सेल स्थिति (x, y) पर depth की गणना करती है। visible surface को खोजने के लिए एल्गोरिथम के step इस प्रकार हैं।

step of Depth Buffer Algorithm:-

Depth Buffer Algorithm
Step-1- बफ़र मान सेट करें - depthbuffer (x, y) = 0)
फ़्रेमबफ़र (x, y)  back color

Step-2 - प्रत्येक पिक्सेल स्थिति के लिए प्रत्येक polygon (एक समय में एक) को process करें।
polygon की प्रत्येक estimate (x, y) पिक्सेल स्थिति के लिए, गहराई z की गणना करें।
IfZ> depthbuffer (x, y)
Compute surface color,

set depthbuffer (x, y)=z,

framebuffer (x, y) - surfacecolor (x, y)
surfaces की depth की गणना प्रत्येक surface के equation से की जाती है। even का equation याद रखें, 
Ax+By+Cz+D=0
Therefore,
z =-(Ax + By D)/C
इस एल्गोरिदम का उपयोग करने के कुछ फायदे हैं, यह process करना आसान है, और हार्डवेयर में लागू होने पर यह गति की समस्या को कम करता है। एल्गोरिथम की सीमा यह है कि इसमें दो बफ़र्स के मानों को store करने के लिए बड़ी मेमोरी की आवश्यकता होती है। जैसा कि यह  images में सभी पिक्सेल को प्रोसेस करता है, यह समय लेने वाली प्रक्रिया भी है। इस एल्गोरिथ्म के साथ अगली समस्या यह है कि यह केवल opaque surfaces के साथ काम कर सकता है, transparent surface के साथ नहीं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Recovery technique in dbms । रिकवरी। recovery in hindi

 आज हम Recovery facilities in DBMS (रिकवरी)   के बारे मे जानेगे रिकवरी क्या होता है? और ये रिकवरी कितने प्रकार की होती है? तो चलिए शुरु करतेे हैं- Recovery in hindi( रिकवरी) :- यदि किसी सिस्टम का Data Base क्रैश हो जाये तो उस Data को पुनः उसी रूप में वापस लाने अर्थात् उसे restore करने को ही रिकवरी कहा जाता है ।  recovery technique(रिकवरी तकनीक):- यदि Data Base पुनः पुरानी स्थिति में ना आए तो आखिर में जिस स्थिति में भी आए उसे उसी स्थिति में restore किया जाता है । अतः रिकवरी का प्रयोग Data Base को पुनः पूर्व की स्थिति में लाने के लिये किया जाता है ताकि Data Base की सामान्य कार्यविधि बनी रहे ।  डेटा की रिकवरी करने के लिये यह आवश्यक है कि DBA के द्वारा समूह समय पर नया Data आने पर तुरन्त उसका Backup लेना चाहिए , तथा अपने Backup को समय - समय पर update करते रहना चाहिए । यह बैकअप DBA ( database administrator ) के द्वारा लगातार लिया जाना चाहिए तथा Data Base क्रैश होने पर इसे क्रमानुसार पुनः रिस्टोर कर देना चाहिए Types of recovery (  रिकवरी के प्रकार ):- 1. Log Based Recovery 2. Shadow pag

Query Optimization in hindi - computers in hindi 

 आज  हम  computers  in hindi  मे query optimization in dbms ( क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन) के बारे में जानेगे क्या होता है और क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन (query optimization in dbms) मे query processing in dbms और query optimization in dbms in hindi और  Measures of Query Cost    के बारे मे जानेगे  तो चलिए शुरु करते हैं-  Query Optimization in dbms (क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन):- Optimization से मतलब है क्वैरी की cost को न्यूनतम करने से है । किसी क्वैरी की cost कई factors पर निर्भर करती है । query optimization के लिए optimizer का प्रयोग किया जाता है । क्वैरी ऑप्टीमाइज़र को क्वैरी के प्रत्येक operation की cos जानना जरूरी होता है । क्वैरी की cost को ज्ञात करना कठिन है । क्वैरी की cost कई parameters जैसे कि ऑपरेशन के लिए उपलब्ध memory , disk size आदि पर निर्भर करती है । query optimization के अन्दर क्वैरी की cost का मूल्यांकन ( evaluate ) करने का वह प्रभावी तरीका चुना जाता है जिसकी cost सबसे कम हो । अतः query optimization एक ऐसी प्रक्रिया है , जिसमें क्वैरी अर्थात् प्रश्न को हल करने का सबसे उपयुक्त तरीका चुना