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SMTP Kya hai? - what is SMTP in hindi

आज हम  computers in hindi  मे SMTP Kya hai? ( what is SMTP in hindi) smtp ka full form kya hai - internet tools in hindi  के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- SMTP Kya hai? (what is SMTP in hindi):- यह प्रोटोकॉल ई - मेल मैसेज को सीधे सर्वर पर अपलोड कर देता है । स्टैटिक IP एड्रेस वाले सर्वर इस प्रोटोकॉल के माध्यम से मैसेज भी प्राप्त कर सकते हैं । smtp ka full form kya hai:- simple mail transfer protocol  simple mail transfer protocol in hindi:- इंटरनेट प्रोटोकॉल नेटवर्क पर ई - मेल ट्रांसफर के लिए यह प्रोटोकॉल प्रयोग में लिया जाता है । ई - मेल क्लाइंट सॉफ्टवेयर ई - मेल मैसेज भेजने के लिए SMTP का प्रयोग करते हैं तथा मैसेज प्राप्त करने के लिए पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल ( POP ) या इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल ( IMAP ) का प्रयोग करते हैं । SMTP    सर्वर  इसके लिए पोर्ट नंबर 25 का प्रयोग करते हैं ।  simple mail transfer protocol   ई - मेल मैसेज को सीधे   सर्वर  पर अपलोड कर देता है । स्टैटिक IP एड्रेस वाले   सर्वर  इस प्रोटोकॉल के माध्यम से मैसेज भी प्राप् कर सकते हैं ।

Active Server Pages in hindi

ASP - Active Server Pages in hindi :-

Full form ASP in hindi:- active server pages 

ASP- Active Server Pages माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित की गई एक टेक्नोलॉजी है जिसका प्रयोग डायनेमिक एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है। यह एक server साइट स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है। ASP वेब पेज की फाइल का exction .asp होता हैै।   एक asp पेज HTML तथा स्क्रिप्ट से मिलकर बनता है। ASP- Active Server Pages माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित की गई एक टेक्नोलॉजी है जिसका प्रयोग डायनेमिक एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है। यह एक server साइट स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है। ASP वेब पेज की फाइल का exction .asp होता हैै।   एक asp पेज HTML तथा स्क्रिप्ट से मिलकर बनता है। ASP पेज में स्क्रिप्ट लिखने के लिए किसी ना किसी स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज का प्रयोग किया जाता है।  साधारण इसके लिए VB स्क्रिप्ट या जावा  स्क्रिप्ट का प्रयोग किया जाता है।
जब यूजर किसी ASP पेज के लिए वेब सर्वर पर रिक्वेस्ट भेजता है तो वेब सर्वर इस पेज पर लिखी स्क्रिप्ट को प्रोसेस करके  उसे क्लाइंट की मशीन पर  भेजता है।
जब भी कोई प्रोग्राम बनाया जाता है तो हो सकता है कि रन करवाने पर किन्हीं कारणों से उसमें कोई एरर उत्पन्न हो जाए । ऐसी एरर्स के कारण प्रोग्राम अवांछित रूप से रूक जाता है , तथा यूजर कुछ समझ नहीं पाता है । एरर हैंडलिंग के माध्यम से प्रोग्रामर ऐसा कोड लिख सकता है जिससे किसी एरर के आने पर प्रोग्राम का शेष भाग रन हो जाए या समुचित संदेश देते हुए प्रोग्राम को बंद कर दिया जाए । किसी एरर के आने पर लिए जाने वाले एक्शन को एरर हैंडलिंग कहा जाता है । किसी संख्या को जीरो से विभाजित करना , एरे के किसी ऐसे एलीमेंट को प्रयोग करने की कोशिश करना जो अस्तित्व ही नहीं रखता हो आदि कारणों से प्रोग्राम के रन होने के दौरान एरर आने की संभावना रहती है । ऐसे में बेहतर रहता है कि प्रोग्राम में ही ऐसी एरर को संभालने की व्यवस्था कर दी जाए ।

Types of error ASP in hindi:-

1. प्रारूप की एरर ( syntax error ) :-

ऐसी एरर तब आती हैं , जब किसी कमांड का गलत प्रारूप टाइप कर दिया गया हो । 

2. रन टाइम एरर ( run - time error ) :-

ऐसी एरर प्रोग्राम के रन होने के दौरान आती है । उदाहरण के लिए प्रोग्राम के रन होने के दौरान किसी संख्या को शून्य से विभाजित कर दिया जाए तो ऐसी एरर को रन टाइम एरर कहा जाएगा ।

3. लॉजिकल एरर ( logical error ) :-

प्रोग्राम में प्रयोग में लिया जाने वाला लॉजिक ही यदि गलत लगा दिया तो परिणाम भी गलत ही आएगा । ऐसी एरर को लॉजिकल एरर कहा जाता है । ASP में एरर हैंडल करने के लिए on error resume next स्टेटमेंट का प्रयोग किया जाता है : 
< % On Error Resume Next % >

ASP object Property:-

ASPCode - यह एरर का नंबर रिटर्न करती है । 
ASPDescription - यह एरर का विस्तृत विवरण रिटर्न करती है । 
Description - यह एरर का संक्षिप्त विवरण रिटर्न करती है। 
File - यह उस फाइल का नाम रिटर्न करती है जिसमें एरर जनरेट हुई है । 
Line - यह वह लाइन नंबर रिटर्न करती है जिसमें एरर जनरेट हुई है । 
Source - यह वह सोर्स कोड रिटर्न करती है जिसमें एरर जनरेट हुई है ।
Request ऑब्जेक्ट:-
 यूजर से डाटा इनपुट में लेने के लिए रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट का प्रयोग किया जाता है।
रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट की निम्नलिखित प्रॉपर्टी होती है:
Total Bytes :- यह प्रॉपर्टी रीड ओनली प्रॉपर्टी है, जो यह बताती है की क्लाइंट द्वारा HTTP रिक्वेस्ट बॉडी में कितने बाइट का डाटा भेजा गया है।
रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट में निम्नलिखित मेथड  है:
Binary Read :- यह मेथड क्लाइंट द्वारा भेजे गए डाटा को server द्वारा प्राप्त करने के लिए  प्रयोग में  किया जाता है।  यह प्राप्त किए गए  डाटा को Safe Array में स्टोर करता है, जो कि  वेरिएट टाइप का होता है।
  इसके अतिरिक्त  रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट के  विभिन्न कलेक्शन  निम्नानुसार है:
* QueryString 
* Form
* Cookies
* ServerVariables

QueryString:- क्लाइंट द्वारा सर्वर पर सुचना इनपुट के रूप में भेजने के लिए क्वेरी स्ट्रिंग का प्रयोग किया जा सकता है। क्वेरी स्ट्रिंग को URL के साथ Server पर भेजा जा सकता है।
 इसका प्रारुप निम्नानुसार होता है:
VarName1=value1&VarName2=value2

Form:- Server पर स्थित प्रोग्राम को वैल्यू इनपुट में देने के लिए QueryString के अतिरिक्त Form का प्रयोग भी किया जाता है। इस कलेक्शन के माध्यम से पोस्ट किए गए HTML फॉर्म के एलिमेंट्स जैसे टैक्स बॉक्स आदि की वैल्यू को एक्सेस  किया जा सकता है।

Cookies: - कुकीज को मैनेज करने के लिए asp में cookies नाम का कलेक्शन प्रयोग में लिया जाता है। इस कलेक्शन का प्रयोग स्टोर की गई कुकीज का डाटा रीड करने के लिए किया जाता है।

  1. ServerVariables:- सर्वर से संबंधित विभिन्न प्रकार के डाटा को प्रयोग में लेने के लिए  रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट के ServerVariables नामक कलेक्शन  प्रयोग में  लिया जाता है।  इस  कलेक्शन  का पहले  प्रयोग  पहले से मौजूद  एनवायरमेंट  वैरियेबल्स  की वैल्यू को  काम में लेने के लिए  किया जाता है।
ASP पेज में स्क्रिप्ट लिखने के लिए किसी ना किसी स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज का प्रयोग किया जाता है।  साधारण इसके लिए VB स्क्रिप्ट या जावा  स्क्रिप्ट का प्रयोग किया जाता है।
जब यूजर किसी ASP पेज के लिए वेब सर्वर पर रिक्वेस्ट भेजता है तो वेब सर्वर इस पेज पर लिखी स्क्रिप्ट को प्रोसेस करके  उसे क्लाइंट की मशीन पर  भेजता है।

Advantages of active server pages in hindi :-

• यह एक सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है । 
• एक ASP पेज HTML तथा स्क्रिप्ट से मिलकर बनता है , जो कि सीखने में आसान है । 
• जब यूज़र किसी ASP पेज के लिए वेब सर्वर पर रिक्वेस्ट भेजता है तो वेब - सर्वर इस पेज पर लिखी स्क्रिप्ट को सर्वर पर प्रोसेस करता है । इससे क्लाइंट को कोड के बारे में जानकारी नहीं होती है । इससे कोड में अवांछित छेडछाड की संभावनाए कम हो जाती है । 

Disadvantages of active server pages in hindi:-

• ASP पेज में स्क्रिप्ट लिखने के लिए किसी अन्य स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज जैसे VB स्क्रिप्ट या जावा स्क्रिप्ट का प्रयोग किया जाता है ।
• ASP पेज को टेस्ट कराने के लिए हमें अपने कम्प्यूटर पर IIS ( Internet Information Services ) या कोई अन्य वेब सर्वर इंस्टॉल करना होगा ।
 • इसमें प्रोग्रामर को कोड के प्रारूप पर ध्यान केन्द्रित करना पड़ता है ।

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