सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

planning a software project in hindi

Active Server Pages in hindi

ASP - Active Server Pages in hindi :-

Full form ASP in hindi:- active server pages 

ASP- Active Server Pages माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित की गई एक टेक्नोलॉजी है जिसका प्रयोग डायनेमिक एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है। यह एक server साइट स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है। ASP वेब पेज की फाइल का exction .asp होता हैै।   एक asp पेज HTML तथा स्क्रिप्ट से मिलकर बनता है। ASP- Active Server Pages माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित की गई एक टेक्नोलॉजी है जिसका प्रयोग डायनेमिक एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है। यह एक server साइट स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है। ASP वेब पेज की फाइल का exction .asp होता हैै।   एक asp पेज HTML तथा स्क्रिप्ट से मिलकर बनता है। ASP पेज में स्क्रिप्ट लिखने के लिए किसी ना किसी स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज का प्रयोग किया जाता है।  साधारण इसके लिए VB स्क्रिप्ट या जावा  स्क्रिप्ट का प्रयोग किया जाता है।
जब यूजर किसी ASP पेज के लिए वेब सर्वर पर रिक्वेस्ट भेजता है तो वेब सर्वर इस पेज पर लिखी स्क्रिप्ट को प्रोसेस करके  उसे क्लाइंट की मशीन पर  भेजता है।
जब भी कोई प्रोग्राम बनाया जाता है तो हो सकता है कि रन करवाने पर किन्हीं कारणों से उसमें कोई एरर उत्पन्न हो जाए । ऐसी एरर्स के कारण प्रोग्राम अवांछित रूप से रूक जाता है , तथा यूजर कुछ समझ नहीं पाता है । एरर हैंडलिंग के माध्यम से प्रोग्रामर ऐसा कोड लिख सकता है जिससे किसी एरर के आने पर प्रोग्राम का शेष भाग रन हो जाए या समुचित संदेश देते हुए प्रोग्राम को बंद कर दिया जाए । किसी एरर के आने पर लिए जाने वाले एक्शन को एरर हैंडलिंग कहा जाता है । किसी संख्या को जीरो से विभाजित करना , एरे के किसी ऐसे एलीमेंट को प्रयोग करने की कोशिश करना जो अस्तित्व ही नहीं रखता हो आदि कारणों से प्रोग्राम के रन होने के दौरान एरर आने की संभावना रहती है । ऐसे में बेहतर रहता है कि प्रोग्राम में ही ऐसी एरर को संभालने की व्यवस्था कर दी जाए ।

Types of error ASP in hindi:-

1. प्रारूप की एरर ( syntax error ) :-

ऐसी एरर तब आती हैं , जब किसी कमांड का गलत प्रारूप टाइप कर दिया गया हो । 

2. रन टाइम एरर ( run - time error ) :-

ऐसी एरर प्रोग्राम के रन होने के दौरान आती है । उदाहरण के लिए प्रोग्राम के रन होने के दौरान किसी संख्या को शून्य से विभाजित कर दिया जाए तो ऐसी एरर को रन टाइम एरर कहा जाएगा ।

3. लॉजिकल एरर ( logical error ) :-

प्रोग्राम में प्रयोग में लिया जाने वाला लॉजिक ही यदि गलत लगा दिया तो परिणाम भी गलत ही आएगा । ऐसी एरर को लॉजिकल एरर कहा जाता है । ASP में एरर हैंडल करने के लिए on error resume next स्टेटमेंट का प्रयोग किया जाता है : 
< % On Error Resume Next % >

ASP object Property:-

ASPCode - यह एरर का नंबर रिटर्न करती है । 
ASPDescription - यह एरर का विस्तृत विवरण रिटर्न करती है । 
Description - यह एरर का संक्षिप्त विवरण रिटर्न करती है। 
File - यह उस फाइल का नाम रिटर्न करती है जिसमें एरर जनरेट हुई है । 
Line - यह वह लाइन नंबर रिटर्न करती है जिसमें एरर जनरेट हुई है । 
Source - यह वह सोर्स कोड रिटर्न करती है जिसमें एरर जनरेट हुई है ।
Request ऑब्जेक्ट:-
 यूजर से डाटा इनपुट में लेने के लिए रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट का प्रयोग किया जाता है।
रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट की निम्नलिखित प्रॉपर्टी होती है:
Total Bytes :- यह प्रॉपर्टी रीड ओनली प्रॉपर्टी है, जो यह बताती है की क्लाइंट द्वारा HTTP रिक्वेस्ट बॉडी में कितने बाइट का डाटा भेजा गया है।
रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट में निम्नलिखित मेथड  है:
Binary Read :- यह मेथड क्लाइंट द्वारा भेजे गए डाटा को server द्वारा प्राप्त करने के लिए  प्रयोग में  किया जाता है।  यह प्राप्त किए गए  डाटा को Safe Array में स्टोर करता है, जो कि  वेरिएट टाइप का होता है।
  इसके अतिरिक्त  रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट के  विभिन्न कलेक्शन  निम्नानुसार है:
* QueryString 
* Form
* Cookies
* ServerVariables

QueryString:- क्लाइंट द्वारा सर्वर पर सुचना इनपुट के रूप में भेजने के लिए क्वेरी स्ट्रिंग का प्रयोग किया जा सकता है। क्वेरी स्ट्रिंग को URL के साथ Server पर भेजा जा सकता है।
 इसका प्रारुप निम्नानुसार होता है:
VarName1=value1&VarName2=value2

Form:- Server पर स्थित प्रोग्राम को वैल्यू इनपुट में देने के लिए QueryString के अतिरिक्त Form का प्रयोग भी किया जाता है। इस कलेक्शन के माध्यम से पोस्ट किए गए HTML फॉर्म के एलिमेंट्स जैसे टैक्स बॉक्स आदि की वैल्यू को एक्सेस  किया जा सकता है।

Cookies: - कुकीज को मैनेज करने के लिए asp में cookies नाम का कलेक्शन प्रयोग में लिया जाता है। इस कलेक्शन का प्रयोग स्टोर की गई कुकीज का डाटा रीड करने के लिए किया जाता है।

  1. ServerVariables:- सर्वर से संबंधित विभिन्न प्रकार के डाटा को प्रयोग में लेने के लिए  रिक्वेस्ट ऑब्जेक्ट के ServerVariables नामक कलेक्शन  प्रयोग में  लिया जाता है।  इस  कलेक्शन  का पहले  प्रयोग  पहले से मौजूद  एनवायरमेंट  वैरियेबल्स  की वैल्यू को  काम में लेने के लिए  किया जाता है।
ASP पेज में स्क्रिप्ट लिखने के लिए किसी ना किसी स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज का प्रयोग किया जाता है।  साधारण इसके लिए VB स्क्रिप्ट या जावा  स्क्रिप्ट का प्रयोग किया जाता है।
जब यूजर किसी ASP पेज के लिए वेब सर्वर पर रिक्वेस्ट भेजता है तो वेब सर्वर इस पेज पर लिखी स्क्रिप्ट को प्रोसेस करके  उसे क्लाइंट की मशीन पर  भेजता है।

Advantages of active server pages in hindi :-

• यह एक सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है । 
• एक ASP पेज HTML तथा स्क्रिप्ट से मिलकर बनता है , जो कि सीखने में आसान है । 
• जब यूज़र किसी ASP पेज के लिए वेब सर्वर पर रिक्वेस्ट भेजता है तो वेब - सर्वर इस पेज पर लिखी स्क्रिप्ट को सर्वर पर प्रोसेस करता है । इससे क्लाइंट को कोड के बारे में जानकारी नहीं होती है । इससे कोड में अवांछित छेडछाड की संभावनाए कम हो जाती है । 

Disadvantages of active server pages in hindi:-

• ASP पेज में स्क्रिप्ट लिखने के लिए किसी अन्य स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज जैसे VB स्क्रिप्ट या जावा स्क्रिप्ट का प्रयोग किया जाता है ।
• ASP पेज को टेस्ट कराने के लिए हमें अपने कम्प्यूटर पर IIS ( Internet Information Services ) या कोई अन्य वेब सर्वर इंस्टॉल करना होगा ।
 • इसमें प्रोग्रामर को कोड के प्रारूप पर ध्यान केन्द्रित करना पड़ता है ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

foxpro commands in hindi

आज हम computers in hindi मे  foxpro commands  क्या होता है उसके कार्य के बारे मे जानेगे?   foxpro all commands in hindi  में  तो चलिए शुरु करते हैं-   foxpro commands in hindi:-  (1) Clear command in foxpro in hindi:-  इस  command  का प्रयोग  foxpro  की main स्क्रीन ( जहां रिकॉर्ड्स / Output प्रदर्शित होते हैं ) को Clear करने के लिए किया जाता है ।  (2) Modify Structure in foxpro in hindi :-  इस  command  का प्रयोग वर्तमान प्रयुक्त  डेटाबेस  फाईल के स्ट्रक्चर में आवश्यक परिवर्तन करने के लिए किया जाता है । इसके द्वारा नये फील्ड भी जोड़े जा सकते हैं तथा पुराने फील्ड्स को हटाया व उनके साईज़ में भी परिवर्तन किया जा सकता है ।  (3) Rename in foxpro in hindi :-  इस  command  के द्वारा किसी  database  file का नाम बदला जा सकता है जिस फाईल को Rename करना हो वह मैमोरी में खुली नहीं होनी चाहिए ।   Syntax : Rename < Old filename > to < New filename >  Foxpro example: -  Rename Student.dbf to St.dbf (4) Copy file in foxpro in hindi :- इस command के द्वारा किसी एक डेटाबेस फाईल के रिकॉ

foxpro data type in hindi । फॉक्सप्रो

 आज हम computers in hindi मे फॉक्सप्रो क्या है?  Foxpro data type in hindi  कार्य के बारे मे जानेगे? How many data types are available in foxpro?    में  तो चलिए शुरु करते हैं-    How many data types are available in foxpro? ( फॉक्सप्रो में कितने डेटा प्रकार उपलब्ध हैं?):- FoxPro में बनाई गई डेटाबेस फाईल का एक्सटेन्शन नाम .dbf होता है । foxpro data type in hindi (फॉक्सप्रो डेटा प्रकार) :- Character data type Numeric data type Float data type Date data type Logical data type Memo data type General data type 1. Character data type :- Character data type  की फील्ड में अधिकतम 254 Character store किये जा सकते हैं । इस टाईप की फील्ड में अक्षर जैसे ( A , B , C , .......Z ) ( a , b , c , ...........z ) तथा इसके साथ ही न्यूमेरिक अंक ( 0-9 ) व Special Character ( + , - , / . x , ? , = ; etc ) आदि भी Store करवाए जा सकते हैं । इस प्रकार की फील्ड का प्रयोग नाम , पता , फोन नम्बर , शहर का नाम , पिता का नाम , माता का नाम आदि संग्रहित करने के लिए किया जाता है । 2. Numeric data type :- Numeric da

Management information system (MIS in hindi)

What is Management Information Systems (MIS) in hindi ? Introduction to management information system (MIS in hindi):-  बिजनेस प्रॉब्लम का समाधान प्राप्त करने के लिए युजर, तकनीक और प्रॉसीजर (procedure) एक साथ मिलकर  कार्य करते हैं। यूूूूजर तकनीक और प्रॉसीजर के सकलन को Information system  कहते हैं।   management information system definition :- जब इनफॉर्मेशन सिस्टम में निहित सभी भाग एक अनुशासन (Discipline) विधि से किसी बिजनेस प्रॉब्लम को हल करते हैं तो इस प्रक्रिया को Management information system ( MIS in hindi ) कहते हैं।   MIS कोई नवीन व्यवस्था नहीं है, कंप्यूटर के आगमन से पूर्व व्यवसाय की गतिविधियों का योजना निर्धारण और नियन्त्रण करने का कार्य इसी प्रकार की MIS विधि से ही सम्पन्न किया जाता था।  कंप्यूटर ने इस MIS व्यवस्था में नवीन आयामों  जैसे, गति (speed), शुद्धता (accuracy) और वृहद मात्रा में डेटा समापन को भी सम्मिलित कर दिया गया है। management, Information और system    को कंप्यूटर की सहायता से मिश्रित व्यावसायिक गतिविधियों को सम्पन्न किया जाता है।  किसी ऑर्गेनाइजेशन की ऑ