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SMTP Kya hai? - what is SMTP in hindi

आज हम  computers in hindi  मे SMTP Kya hai? ( what is SMTP in hindi) smtp ka full form kya hai - internet tools in hindi  के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- SMTP Kya hai? (what is SMTP in hindi):- यह प्रोटोकॉल ई - मेल मैसेज को सीधे सर्वर पर अपलोड कर देता है । स्टैटिक IP एड्रेस वाले सर्वर इस प्रोटोकॉल के माध्यम से मैसेज भी प्राप्त कर सकते हैं । smtp ka full form kya hai:- simple mail transfer protocol  simple mail transfer protocol in hindi:- इंटरनेट प्रोटोकॉल नेटवर्क पर ई - मेल ट्रांसफर के लिए यह प्रोटोकॉल प्रयोग में लिया जाता है । ई - मेल क्लाइंट सॉफ्टवेयर ई - मेल मैसेज भेजने के लिए SMTP का प्रयोग करते हैं तथा मैसेज प्राप्त करने के लिए पोस्ट ऑफिस प्रोटोकॉल ( POP ) या इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल ( IMAP ) का प्रयोग करते हैं । SMTP    सर्वर  इसके लिए पोर्ट नंबर 25 का प्रयोग करते हैं ।  simple mail transfer protocol   ई - मेल मैसेज को सीधे   सर्वर  पर अपलोड कर देता है । स्टैटिक IP एड्रेस वाले   सर्वर  इस प्रोटोकॉल के माध्यम से मैसेज भी प्राप् कर सकते हैं ।

acid properties in dbms - computers in hindi

 आज हम computers in hindi के अन्दर Properties of Transaction (acid properties in dbms) के बारे मे जानेगे क्या होता है तो चलिए शुरु करते हैं:-

Properties of Transaction ( कार्यसम्पादन के गुण ) (ACID in hindi) :-

Atomicity , Consistency , Isolation , Durability - ACID सामान्यत : किसी transaction की 4 प्रॉपर्टीज़ होती हैं- 

1. Atomicity 

2. Consistency 

3. Isolation 

4. Durability 

1. Atomicity transaction :-

 Atomicity transaction की प्रॉपर्टी के द्वारा यह
comfirm किया जाता है की transaction  के द्वारा किए जाने वाले सभी ऑपरेशन पूर्ण होंगे या उनमें से एक भी execute नहीं होगा । इसमें transaction के प्रत्येक ऑपरेशन को एक अकेली यूनिट की भांति व्यवहार किया जाता है । आइए इसे एक example की सहायता से समझते हैं।

acid properties with example :-

 यदि प्रथम ऑपरेशन सफल पूर्ण हो जाए तथा द्वितीय ऑपरेशन पर आते ही transaction असफल अर्थात् फेल हो जाए तो ऐसी स्थिति में प्रथम ऑपरेशन भी rollback हो जाएगा । Atomicity को transaction manager के द्वारा नियंत्रित किया जाता है । transaction manager डेटाबेस का एक अवयव होता है । यदि किसी transaction के सभी ऑपरेशन सफलता पूर्वक पूर्ण हो जाती हैं तो सम्पूर्ण transaction सफल हो जाता है । एक भी ऑपरेशन के फेल हो जाने पर पुरा transaction  rollback हो जाता है । अर्थात् डेटाबेस पर किए गए समसस्त बदलावों के प्रभाव हट जाते हैं तथा डेटाबेस पुनः पूर्व की स्थिति में आ जाता है ।

2. Consistency transaction:-

Consistency transaction की इस प्रॉपर्टी के द्वारा डेटाबेस को एक अवस्था के दूसरी अवस्था में ले जाया जाता है । इसे consistency control manager के द्वारा नियंत्रित किया जाता है । यह डेटाबेस का एक अवयव होता है , तथा यह अवयव डेटाबेस की conceptual layer में स्थित होता है । जब एक transaction  एक से अधिक user वातावरण में carried out होता है तो उस स्थिति में consistency महत्वपूर्ण होती है । एक से अधिक user एक साथ एक ही समय पर एक ही समूह की सूचनाओं को प्राप्त कर सकते हैं । consistency को विभिन्न प्रकार की लॉकिंग तकनीकों का प्रयोग करके नियंत्रित किया जाता है । 

3. Isolation Transaction:-

Isolation Transaction की इस प्रॉपर्टी का अर्थ यह होता है कि साथ - साथ execute ( कार्यान्वित ) होने वाले transaction के मध्य चरण किसी अन्य transaction को दिखने नहीं चाहिए । 
जब frist transaction - समाप्त हो जाता है तो अन्य transaction केवल वर्तमान transaction के द्वारा प्रयोग किा गए रिकॉर्ड का पुनः प्रयोग कर सकते हैं । इसका अर्थ यह है कि किसी लेवल वर्तमान transaction के रिकॉर्ड्स अन्य transaction को दिखेंगे ।

4. Durability transaction :-

 Durability transaction की इस प्रॉपर्टी में यह सुनिश्चित किया जाता है कि यदि एक बार डेटा को commit कर लिया गया है तो उसे सिस्टम फेल या सिस्टम क्रैश किसी भी स्थिति में lost नहीं होना चाहिए । इसके लिए recovery के अवयवों का प्रयोग किया जाता है । यह प्रॉपर्टी recovery की तकनीकों पर आधारित होती है ।



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