सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Set operations - SQL in hindi

 आज हम computers in hindi मे Set operations - SQL in hindi - DBMS in hindi के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं-

Set operations :-

Types of set operations:-

Set operations तीन प्रकार के होते हैं:-
(1) Union operation
(2) Intersect operation
(3) Minus operation

(1) Union operation:-

इस Union operation अपने आप Duplicates को खत्म कर देता है और Union clause का उपयोग करके एक से अधिक Queries एक साथ रखी जा सकती है और उनका output मिलाया जा सकता है । इस Union clause दो या अधिक Queries के output का rows व  columns के Single set में Fusion कर देता है । 
उदाहरण : उन सारे अध्यापकों के नाम Retrieve करें , जो " VB " पढ़ाती है और उन विद्यार्थियों के नाम बताएँ । जिन्होंने " VB " कोर्स के लिए ज्वाईन किया है । 
Querie : Select TID " ID " , TName " Name " from Teacher where subject = " VB " UNION Select SID " VB " , SName " Name " from Student where Course = " VB " ,

I'd     NAME

103  sandeep

105  Rajesh

1001 Vaibhav

(2) Intersect operation:-

इस intersect clause का उपयोग करके एक से अधिक Queries एक साथ रखकर उनका Output combine किया जा सकता है । intersect clause केवल उन्हीं row का output देता है और जिन्हें दोनों Queries Intersect करती हैं अर्थात intersect clause में output में केवल वे ही rows शामिल रहती हैं और जो दोनों Queries द्वारा Retrieve की जाती है । 

उदाहरण : उन सारे अध्यापकों के नाम Retrieve करें , जो कम से कम एक विषय पढ़ाते हैं और उनके पास कम से कम एक स्टूडेंट हैं । 

Queries : Select TID , TName from Teacher INTERSECT Select TID , TName , Teacher , Student where Course = Subject ; )

TID    TName 

101    AJAY

102    Panday

103    Sandeep

(3) Minus operation:-

इसमे Minus clause का उपयोग करके एक से ज्यादा Queries एक साथ रखकर उनके output को Combine किया जा सकता है और Minus clause दूसरी Querie द्वारा Retrieve की गई rows को फिल्टर करने के बाद पहली Querie द्वारा Born की गई rows से output करता है । उदाहरण : उस अध्यापक का नाम प्राप्त करें , जिसके पास किसी विषय विशेष के लिए कोई भी विद्यार्थी नामांकित नहीं है । 

Querie : Select TID , TName , Subject from Teacher MINUS Select Course from Student . .

TID       TName         Subject 

104       Dharm          DBMS

106       Santu            Networking 



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Query Optimization in hindi - computers in hindi 

 आज  हम  computers  in hindi  मे query optimization in dbms ( क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन) के बारे में जानेगे क्या होता है और क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन (query optimization in dbms) मे query processing in dbms और query optimization in dbms in hindi और  Measures of Query Cost    के बारे मे जानेगे  तो चलिए शुरु करते हैं-  Query Optimization in dbms (क्वैरी ऑप्टीमाइजेशन):- Optimization से मतलब है क्वैरी की cost को न्यूनतम करने से है । किसी क्वैरी की cost कई factors पर निर्भर करती है । query optimization के लिए optimizer का प्रयोग किया जाता है । क्वैरी ऑप्टीमाइज़र को क्वैरी के प्रत्येक operation की cos जानना जरूरी होता है । क्वैरी की cost को ज्ञात करना कठिन है । क्वैरी की cost कई parameters जैसे कि ऑपरेशन के लिए उपलब्ध memory , disk size आदि पर निर्भर करती है । query optimization के अन्दर क्वैरी की cost का मूल्यांकन ( evaluate ) करने का वह प्रभावी तरीका चुना जाता है जिसकी cost सबसे कम हो । अतः query optimization एक ऐसी प्रक्रिया है , जिसमें क्वैरी अर्थात् प्रश्न को हल करने का सबसे उपयुक्त तरीका चुना

Recovery technique in dbms । रिकवरी। recovery in hindi

 आज हम Recovery facilities in DBMS (रिकवरी)   के बारे मे जानेगे रिकवरी क्या होता है? और ये रिकवरी कितने प्रकार की होती है? तो चलिए शुरु करतेे हैं- Recovery in hindi( रिकवरी) :- यदि किसी सिस्टम का Data Base क्रैश हो जाये तो उस Data को पुनः उसी रूप में वापस लाने अर्थात् उसे restore करने को ही रिकवरी कहा जाता है ।  recovery technique(रिकवरी तकनीक):- यदि Data Base पुनः पुरानी स्थिति में ना आए तो आखिर में जिस स्थिति में भी आए उसे उसी स्थिति में restore किया जाता है । अतः रिकवरी का प्रयोग Data Base को पुनः पूर्व की स्थिति में लाने के लिये किया जाता है ताकि Data Base की सामान्य कार्यविधि बनी रहे ।  डेटा की रिकवरी करने के लिये यह आवश्यक है कि DBA के द्वारा समूह समय पर नया Data आने पर तुरन्त उसका Backup लेना चाहिए , तथा अपने Backup को समय - समय पर update करते रहना चाहिए । यह बैकअप DBA ( database administrator ) के द्वारा लगातार लिया जाना चाहिए तथा Data Base क्रैश होने पर इसे क्रमानुसार पुनः रिस्टोर कर देना चाहिए Types of recovery (  रिकवरी के प्रकार ):- 1. Log Based Recovery 2. Shadow pag