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Visible Surface detection in hindi

Data transmission in hindi

आज हम computers in hindi मे Data transmission mode in hindi - computer networks in hindi के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं-

Data transmission in hindi:-

Data transmission mode नेटवर्क के Size बढ़ने से उसका Traffic - load भी बढ़ता है इसलिए जरूरी है कि डेटा के ट्रांस्मिशन ( Transmission ) की Speed भी बढ़ानी जरूरी होती है । किसी भी नेटवर्क सिस्टम में डेटा ट्रांस्मिशन ( Data transmission ) के लिए निम्न में से एक Transmission mode का प्रयोग किया जाता है 
1. सिम्पलैक्स ट्रांस्मिशन मोड ( Simplex transmission mode ) 
2. हाफ डूप्लैक्स ट्रांस्मिशन मोड ( Half duplex transmission mode ) 
3. फुल - डूप्लैक्स ट्रांस्मिशन मोड ( Full duplex transmission mode )

1. सिम्पलैक्स ट्रांस्मिशन मोड ( Simplex transmission mode ):-

इस प्रकार के Transmission mode में डेटा को एक ही दिशा में भेजा जा सकता है । Simplex transmission mode में समस्या का पता लगाना असम्भव होता है । 
इसमें डेटा को Sending device से Receiving device की तरफ भेजा जाता है और इसमें यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है कि डेटा को प्राप्त कर लिया गया है या नहीं । 

Example of Simplex transmission mode:-

Television telecasting और Radio broadeasting , Simplex transmission

2. हाफ डूप्लैक्स ट्रांस्मिशन मोड ( Half duplex transmission mode ) :-

इस प्रकार के Transmission mode में डेटा को दोनों दिशाओं में भेजा जा सकता है , परन्तु एक बार में एक ही दिशा में भेज सकते हैं । 
हाफ डूप्लैक्स ट्रांस्मिशन मोड ( Half duplex transmission mode ) में समस्या का पता लगाया जा सकता है और Currept हुए डेटा को वापस भेजने के लिए Request किया जा सकता है । 

Examples of duplex transmission mode:-

Walki - talkies है । ज्यादातर मॉडल कनेक्शनस ( Modem connections ) भी इसी ट्रांस्मिशन मोड ( Transmission mode ) का प्रयोग करते हैं ।

3. फुल - डूप्लैक्स ट्रांस्मिशन मोड ( Full duplex transmission mode ):-

इस प्रकार के Transmission mode में दोनों दिशाओं में डेटा भेज सकते हैं अर्थात् एक साथ और एक ही समय में डेटा को Transmit भी किया जा सकता है और Receive भी किया जा सकता है । चूँकि Modem हाफ डूप्लेक्स डिवाइस ( Half duplex device ) होते हैं , परन्तु दोModem और दो टेलीफोन लाइनों का प्रयोग कर एक फुल - डूप्लेक्स मॉडम ( Full duplex modem ) को Create किया जा सकता है । 

Example of Full duplex transmission mode:-

टेलीफोन, जो एक साथ और एक ही समय में दो व्यक्तियों को बातचीत की अनुमति देता है ।

Technique of data transmission:-

जब डेटा को किसी नेटवर्क में एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है तो उसे डेटा ट्रांस्मिशन या डेटा कम्यूनिकेशन कहा जाता है । तथा इस ट्रांस्मिशन को करने के लिए जिन तकनीकों / तरीकों का प्रयोग किया जाता है उन्हें डेटा ट्रांस्मिशन तकनीक कहा जाता है । 

Types of data transmission technique in hindi:-

1. synchronous data transfer in hindi
2. asynchronous transmission in hindi

1. synchronous data transfer in hindi:-

synchronous data transmission में एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस में भेजे जाने वाले डेटा या सूचना को characters के रूप में छोटे - छोटे टुकड़ों के रूप में भेजा जाता है जिन्हें फ्रेम्स कहा जाता है । सिन्क्रोनस ट्रांस्मिशन में फ्रेमों के ट्रांस्मिशन को नियंत्रित करने के लिए timing signal का उपयोग किया जाता है । इसमें synchronization characters का उपयोग ट्रांस्मिशन को प्रारम्भ करने व ट्रांस्मिशन की accuracy को जांचने के लिए किया जाता है । सिन्क्रोनस ट्रांस्मिशन में एसिन्क्रोनस ट्रांस्मिशन की भांति डेटा व सूचना के ट्रांस्मिशन के लिए किसी भी start bit व stop bit का प्रयोग नहीं होता हैं।

2. asynchronous transmission in hindi:-

asynchronous transmission यह कम महंगा होता है । इसे ऑपरेट करने के लिए किसी विशेषज्ञ व्यक्ति की आवश्यकता नहीं होती है । इसकी डेटा ट्रांस्फर रेट कम होती है । इसमें किसी लोकल बफर स्टोरेज की आवश्यकता नहीं होती है इसकी कार्य क्षमता कम होती है । यह कम्प्यूटर संचार में प्रयोग नहीं होता है । इसमें गल्तियों या त्रुटियों का पता लगाने की सुविधाएं कम हैं । यह रिमोट कम्यूनिकेशन के लिए कम उपयोगी होता है ।

क्रमिक तथा समान्तर डेटा संचारण में अन्तर ( Difference between Serial and Parallel Data Transmission ):-

 जब डेटा को किसी नेटवर्क में एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है तो उसे डेटा ट्रांस्मिशन कहा जाता है । इस ट्रांस्मिशन को करने के लिए जिन तकनीकों तरीकों का प्रयोग किया जाता है उन्हें डेटा ट्रांस्मिशन तकनीक कहा जाता है । ये तकनीकें दो प्रकार की होती हैं-
1. first serial data transmission
2. second parallel data transmission
 
Difference between serial data transmission and parallel data transmission:-
1. बिट्स की संख्या:-
इस प्रकार के ट्रांस्मिशन में प्रत्येक क्लॉक के साथ एक बिट भेजी जाती है । जबकि इस प्रकार के ट्रांस्मिशन में प्रत्येक क्लॉक के साथ मल्टीपल बिट्स भेजी जाती हैं ।
2. तरीके:-
 इसमें डेटा भेजने के दो तरीके सिन्क्रोनस तथा असिन्क्रोनस हैं । जबकि इसमें डेटा भेजने के एक ही तरीका है ।
3. ट्रांस्मिशन गति:-
इसमें ट्रांस्मिशन की गति कम होती है । जबकि इसमें ट्रांस्मिशन की गति उच्च होती है ।
4. लागत:-
 इसकी लागत कम होती है । जबकि यह लागत में महंगा होता है । 
5. दूरी:-
यह अधिक दूरी के लिए प्रयोग किया जाता है । जबकि यह सीमित दूरी के लिए प्रयोग किया जाता है । 



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