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what is firewall in hindi

 आज हम computers in hindi मे what is firewall in hindi - Internet tools in hindi के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- 

firewall in hindi (firewall क्या है):-

ई - कॉमर्स में जानकारी नेटवर्क के द्वारा available कराई जाती है तथा यह नेटवर्क कई अन्य नेटवर्कों से जुड़े रहते हैं । इन अन्य नेटवर्क में कई तरह के वाइरस व पासवर्ड का अनुमान लगाने वाले प्रोग्राम होते हैं जिनके द्वारा किसी भी तरह की जानकारी को हैक किया जा सकता है । 

firewall definition in hindi:-

हम जब दो नेटवर्क के बीच कनैक्शन बनाते हैं तो एक प्रोटोकॉल उपयोग में लिया जाता है , उसे Firewall कहते हैं । 
सामान्य तौर पर Firewall एक सुरक्षा घेरा होता है जो Corporate नेटवर्क और बाहरी Untrusted नेटवर्क के बीच सुरक्षा प्रदान करता है । Firewall दो नेटवर्क कनैक्शन के Protection देने का कार्य करता है Firewall के द्वारा हम कई तरह के Devices का उपयोग करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । Firewall कई प्रकार के होते हैं तथा कई तरीकों से सुरक्षा प्रदान करते हैं । जैसे - यदि कोई कम्पनी किसी unreliable network से जुड़ना चाहती है तो उस वक्त Firewall उस कम्पनी के लिये एक सुरक्षा संदेश देता है , जिसके द्वारा यह कम्पनी unreliable network से जुड़ते समय कई तरह की सुरक्षा Methods का उपयोग कर लेती है ।

Advantages of firewall in computer in hindi:-

1. To Control web server :-

I - Way में www का प्रयोग अत्यधिक प्रचलित होता जा रहा है जिसके द्वारा हम किसी भी तरह के इन्टरफेस का उपयोग कर सकते हैं । 1 - Way में कई तरह की ऐसी वेबसाईट्स होती है जो किसी भी Co - operative कम्पनी के लिए नुकसानदायक होती है । Firewall के unreliable use से कम्पनी को सुरक्षा उपलब्ध करवायी जा सकती है । Firewall में हम कई तरह की सेवाओं का उपयोग करते है , जैसे- HTTP , FTP , Telnet आदि । 

2 .Centralization of security :-

 किसी भी Firewall का उपयोग कनैक्शन की सुरक्षा के बजाय नेटवर्क सुरक्षा के लिये किया जाता है तो वह Firewall सुरक्षा पद्धति Central security की तरह कार्य करती है । सभी कम्प्यूटर्स को अलग - अलग security system उपलब्ध करवाते हैं तो वह कीमत में अधिक होता है । इसलिये प्रत्येक के लिये अलग - अलग की बजाय सभी कम्प्यूटर्स को आपस में जोड़कर एक नेटवर्क बनाया . जाता है तथा उस नेटवर्क में Firewall विधि को लागू करके केन्द्रीय सुरक्षा Centralized Security उपलब्ध कराते है । 

3. Reduced workload on server:-

जब किसी भी वेब सर्वर और इन्टरनेट को Firewall की सुरक्षा उपलब्ध नहीं होती है तो उस परिस्थिति में उन वेब सर्वर और इन्टरनेट को अपनी सुरक्षा स्वत : करनी पड़ती है । जिस से उन सर्वर और इन्टरनेट पर कार्य बोझ बढ़ जाता है तथा उनकी कार्यगति व कार्यक्षमता कम हो जाती है । इसलिये वेब सर्वर और इन्टरनेट के कार्यभार को कम करने के लिये हम firewall विधियों का उपयोग करते है ।

4. Routing the network :-

कई नेटवर्क आने वाले तथा भेजने वाले इन्टरफेस के लिये पाथ बनाते हैं जो कि Firewall के द्वारा बनाये जाते हैं तथा इस तरह के Firewall जिनका कार्य कनेक्शन बनाना होता है , यह Firewall एक विशेष संदेश विशेष स्थान पर भेजते हैं जिससे उन इन्टरफेस की सुरक्षा Firewall के द्वारा उपलब्ध कराई जा सके । 

5. Listing of Services:-

Firewall का उपयोग कई सर्वर एक साथ मिलकर एक नेटवर्क के रूप में करते हैं जिनसे नेटवर्क के मध्य जो भी सेवायें होती हैं , उन सभी का उपयोग सर्वर द्वारा किया जा सके । प्रत्येक सर्वर Firewall की सेवाओं की सूची बनाता है तथा उन सेवाओं का उपयोग करने के लिये Firewall से आग्रह करता है ।

6. User Accounting :-

Firewall में किसी भी डेटा की सुरक्षा के लिये हम 2 सर्वर या 2 कम्पनियों के मध्य Firewall प्रक्रिया का उपयोग करते हैं । जिसके द्वारा कोई भी unreliable consumer बिना आज्ञा के प्रवेश नहीं कर सकता । जब कोई भी सिग्रल और डेटा पैकेट Firewall प्रक्रिया के द्वारा भेजा जाता है तब उस पैकेट और सिग्नल की पूरी जानकारी Firewall के अन्दर  store रहती है कि ID , Passwords , Date , Time of Connection आदि । 
यह सभी जानकारी Firewall में protected हो जाती है । Firewall के द्वारा यह सूचना एक इन्टरफेस से दूसरे इन्टरफेस पर भेजी जाती है , जिससे कोई भी unreliable consumer उस जानकारी को किसी भी तरह के सर्वर के द्वारा एक्सेस नहीं कर सकता है । क्योंकि इस तरह के कार्य की सम्पूर्ण जानकारी उस Firewall में ही स्थित रहती है । इस प्रक्रिया के द्वारा हम unreliable consumer से जानकारी को सुरक्षित कर सकते है ।

types of firewall techniques:-

Firewall एक सामान्य internal protocol होता है जो Network traffic के समय Co - operative कम्पनियों के मध्य संदेश भेजता है । Firewall की कई techniques को स्थापित करके unreliable users से सुरक्षा प्रदान करता है । Firewall में Complex  व सरल दोनों तरह की ही विधियाँ होती है जो Condition के आधार पर उपयोग में ली जाती है । 

Methods of firewall in hindi:-

1. IP Packet Screening Routers 
2. Proxy Application Gateways 
3. Hardened Firewall Hosts 
4. Pocket Filtering Gateway 
Firewall की प्रथम दो विधियाँ Complex कहलाती हैं तथा अन्य 2 विधियाँ सरल कहलाती हैं ।

1 . IP Packet Screening Routers :-

Co - operative कम्पनियों में कई तरह के नेटवर्क को मिलाकर एक मुख्य सर्वर बनाया जाता है । जिसमें हम आने वाले नेटवर्क के संदेश को फिल्टर करते हैं , यह IP Packet Screening Router कहलाता है । 
यह राउटर Co - operative नेटवर्क और अन्तः नेटवर्क के बीच जुड़ा रहता है । इस राउटर का कार्य अन्य नेटवर्क के द्वारा आने वाले पैकेट्स को फिल्टर करना होता है , जिसमें हम कई तरह के screening नियम नियमित करते हैं । ये नियम स्वत : ही राउटर्स पर प्रदर्शित हो जाते हैं । नियमों के अंदर कई तरह के प्रवेशी प्रोटोकॉल ( incoming Protocols ) ( TCP , UDP . ICMP ) उपयोग में लिये जाते हैं । ये प्रोटोकॉल्स TCP / IP नेटवर्क प्रबन्ध ( Network Management ) के द्वारा नियंत्रित किये जाते हैं ।

2 . Proxy Application Gateways :-

यह एक विशेष सर्वर पर कार्य करता है , जो Firewall के द्वारा जुड़ा रहता है । ProxyApplication Gateways का प्राथमिक उपयोग किसी भी तरह के आंतरिक Application या गेटवे की जानकारी को Filter करना होता है । ProxyApplication Gateways के द्वारा Firewall क्लाईंट व  Public Network के बीच संदेश को भेजता है इस application में क्लाईंट की तरह से संदेश Proxy gateway के द्वारा सार्वजनिक नेटवर्क को भेजा जाता है इस Gateway में सबसे पहले क्लाईंट Firewall को request भेजते हैं और उसके बाद यह Request बाहरी Firewall पर भेजी जाती है तथा बाहरी Firewall की  Response को क्लाईंट तक भेजा जाता है।

Advantages of ProxyApplication Gateways:-

1. इस Application में हम Browser के द्वारा शुरू किये गये Complex नेटवर्क को अनदेखा कर देते हैं । 
2. इस Application के द्वारा कई तरह के नेटवर्क नियंत्रित किये जा  सकते हैं । जैसे - क्लाईट  Request भेजते समय  अपना ( IP address ) अनुरोध के साथ Include करता है । जिससे डेटा की जानकारी को ढूंढा जा सकता है । 
3. यह Application के अंत : firewall व बाहरी firewall के बीच एक Intermediator का कार्य करती है । जिसके द्वारा हम अंत : firewall के request को Proxy gateway के द्वारा बाहरी firewall पर भेज सकते हैं ।

3 . Hardened Firewall Host :-

इस firewall के द्वारा हम एक सर्वर host बना सकते हैं जो कई तरह की जानकारी को बाहरी और आंतरिक नेटवर्क के बीच सूचना को भेजता है तथा आंतरिक उपभोक्ता के बीच विश्वसनीय Application के द्वारा कनैक्शन बनाया जाता है। 

Steps of Hardened firewall host :-

1 इस firewall में हम सबसे पहले Co - operative नेटवर्क में सभी users के एकाउंट को हटा दिया जाता है आवश्यक firewall संचालन उपभोक्ता ही host तैयार करते हैं । 
2 . इस firewall में सभी unsecure फाइल तथा  Executable फाइलों को हटा दिया जाता है तथा मुख्यता उन फाइलों को जो नेटवर्क सर्वर प्रोग्राम और क्लाइंट प्रोग्राम के बीच कनेक्शन बनाते हैं उन्हें रखा जाता है । 
3 . इस firewall के द्वारा हम remote monitoring check जानकारी बनाते हैं । 
4. इस firewall में IP एड्रेस जो किसी भी तरह की जानकारी को आगे भेजने के काम आते है उन्हें बंद कर देते है । हार्डवेयर firewall host उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान करता है जिसमें कई तरह की विधियों और कई तरह के प्रोटोकॉल्स का उपयोग किया जाता है । जैसे :

 ( a ) Information Hiding - 

इस firewall के द्वारा हम कई तरह के आंतरिक सिस्टम सूचना को छुपा सकते हैं और यह आंतरिक सूचना जैसे- e - mail address , user information , video आदि को बाहरी स्त्रोत से सुरक्षित किया जा सकता है । 

( b ) Centralized & Simplified Network Services - 

इस firewall के द्वारा हम कई तरह की सरल जानकारी जैसे- e - mail : address , user information , user query आदि को firewall devices पर एक विशेष address के द्वारा दर्शा सकते हैं । जिससे उस सूचना को अन्य नेटवर्क सेवा प्रबन्ध में किसी भी समय भेज सकते हैं । जिसके द्वारा कोई भी उपभोक्ता उस जानकारी पर अपने विचार दे सकता है ।

4 . Packet filtering gateways:-

Packet tiltering gateways किसी भी firewall के लिये सबसे सरल विधि है । यह विधि प्रयोगकर्ता , कम्प्यूटर व  सर्वर के मध्य अपने आप उत्पन्न होती है । इस firewall के लिये किसी भी तरह के अन्य device की आवश्यकता नहीं होती है । यह पैकेट unreliable information पर generate होता है । कम्प्यूटर और  सर्वर के मध्य इन्टरनेट कनेक्शन के बीच एक संदेश display  करता हैं जिसके द्वारा consumer को यह ज्ञात होता है कि जो साईट या सूचना का उपयोग कर रहा है वह सुरक्षित नहीं है । 
यह consumer के कम्प्यूटर पर स्वत : ही एक संदेश के रूप में warning देता है कि जिस साईट व सूचना का प्रयोग  सर्वर के द्वारा किया जा रहा है व harmful है ।



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