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What is RAID in Hindi - Redundant Arrangement of Independent Disk

 आज हम computers in hindi मे  RAID क्या है - What is RAID in Hindi और full form RAID in computer - dbms in hindi के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं-

RAID in hindi ( Redundant Arrangement of Independent Disk ) : -

meaning of raid in hindi:-

Redundant Arrangement of Independent Disk किसी सिस्टम में डिस्क की अधिकतम संख्या उस rate में Growth करने के opportunity Provide करती है जिस पर डाटा लिखा या पढा जा सकता है और इसके अतिरिक्त ये setup डाटा storage की reliability में Growth करने के लिये Potential को provide करता है क्योंकि अधिक से अधिक Information Multiple Disk पर store भी की जा सकती है।

raid full form in computer :- Redundant Arrangement of Independent Disk

Disk - Organization Techniques की वैरायटी रिडनडेन्ट ऐरेज ऑफ इण्डीपेन्डेन्ट डिस्क ( Redundant Arrays of Inde pendent Disk - RAID ) कहलाती है और जिसका उपयोग Performance और Reliability को प्राप्त करने के लिये किया जाता है । पहले समय में System designers का यह मानना था कि storage system कई सारी छोटी - छोटी डिस्क से मिलकर बना होता है । इसमे यद्यपि RAID ( Redundant Arrangement of Independent Disk) में उपस्थित ! का अर्थ Independent से लागाया जाता है परन्तु इसका वास्तविक अर्थ कम खर्च से है । वर्तमान समय में , सभी डिस्क physical form से छोटी , और अधिक क्षमता रखता है और प्रति मेगाबाइट कम कीमत रखती है । इसमे RAID (Redundant Arrangement of Independent Disk) सिस्टम अपनी High performance और Reliability के लिये उपयोग किये जाते हैं ।

Levels of RAID in hindi: - 

Mirroring high reliability provide करता है परन्तु यह काफी महँगा होता है और स्ट्रिपिंग ( Striping ) Provide high data transfer rate करता है परन्तु यह सिस्टम की Reliability को नहीं बढाता है । कई सारी Alternative scheme , Disk stripping को Parity bits के साथ Redundancy को कम कीमत पर provide करने के लिये मिक्स की जाती है । यह स्कीम भिन्न भिन्न Cost Performance Trade - Off रखती है । RAID levels में विभाजित की जाने वाली स्कीम को समझाया गया है।

RAID Level 0 :-

Blocks level पर Stripping के साथ सम्मिलित किये जाने वाले Disk arrays को display है लेकिन यह किसी भी प्रकार की Redundancy जैसे Mirroring or parity bits को नहीं दर्शाता है ।

RAID Level 1 :-

Block stripping के साथ Disk mirroring को display करता है । 

RAID Level 2:- 

 Memory Style Error Correcting Code - ECC  के नाम से भी जाना जाता है । memory system  काफी समय से Error detection और Correction के लिये Parity bits का उपयोग करता है और memory system में उपस्थित प्रत्येक बाइट , एक Parity bits को रख सकती है जो इसके साथ included की जाती है । यदि bytes में उपस्थित कोई भी एक bits नष्ट हो जाती है तो Byte parity परिवर्तित हो जाती है और यह Stored parity से मैच नहीं करेगी । यदि stored parity bits नष्ट हो जाती है तो यह Computed parity से मैच नहीं करेगी । अत : सारी 1 bit error memory system द्वारा डिटेक्ट की जायेगी । Arrows - Correcting schemes 2 या 2 से अधिक अतिरिक्त bits को store करती है और डाटा को पुनः निर्मित कर सकती है यदि कोई single bit नष्ट हो जाती है । इसमे Error - Correcting Codes का Idea stripping bytes द्वारा Disk arrays में सीधे ही उपयोग की जा सकती है ।
Example of RAID in hindi:-
प्रत्येक bytes की पहली bit disk 1 में दूसरी bit disk 2 में और आँठवी bit disk 8  में store की जा सकती है और Error correlation bits इसके आगे वाली disk में store की जाती है । 

RAID Level 3 :-

एक bit - Interleaved Parity Organization है जो लेवल 2 पर Disk controllers द्वारा Developed की जाती है , इसीलिये Single parity bit को Error correction और Detection के लिये उपयोग किया जा सकता है । यदि कोई भी secter नष्ट हो जाता है तो सिस्टम यह clear form से बता सकता है कि यह कौन सा secter है RAID Level 3 , Level 2 की तरह ही अच्छा है लेकिन यह extra disk के लिये कम खर्च करता है । अत: Level 2 को उपयोग नहीं किया जाता हैं।

RAID Level 4 :-

Block Interleaved Party organization है , जो RAID O के समान ही Block level stripping को उपयोग करता है और इसके अतिरिक्त यह अन्य N disk से एक अलग डिस्क को रखता है । यदि इनमें से काई भी डिस्क फेल हो जाती है जो Parity block को अपने Identical block के साथ उपयोग कर सकती है । Block read only एक ही डिस्क पर access करता है । प्रत्येक access के लिये Data transfer rate काफी धीमी होती है परन्तु Multiple Read Access Parallel में प्रोसेस किये जा सकते हैं जो उच्चतम I / 0 रेट को लीड करता है । बडे - बडे रीड के लिये Transfer rates high होता है , चूँकि सभी Disk parallel में रीड की जा सकती है , अतः डाटा और पैरिटी भी पैरेलल में लिखी जा सकती है।

RAID Level 5 :-

Block Interleaved Distributed Parity है , जो डाटा को विभाजित करके और N + 1 डिस्क के अन्तर्गत उपस्थित सभी parity द्वारा RAID Level 4 पर develop की जाती है । RAID Level 5 में , सभी Disk read request को Provide satisfaction करने के लिये Participate करता है , अत : RAID Level 5 request की सम्पूर्ण संख्या में वृद्धि करती है । N Logical blocks के प्रत्येक सैट के लिये कोई भी एक डिस्क पैरिटी को स्टोर करती है और अन्य N डिस्क ब्लॉक्स को स्टोर करती है । 

RAID Level 6 :-

P + Q Redundancy scheme है जो RAID Level 5 से काफी मिलती है लेकिन यह अतिरिक्त Redundancy information को Multiple Disc Failures के विरूद्ध सुरक्षा के लिये स्टोर करती है । parity को उपयोग करने के स्थान पर Level 6 Error Correcting Codes जैसे- Reed- Solomon Codes को उपयोग करता है । RAID Level 6 में Redundancy data की 2 bits  डाटा की प्रत्येक 4 बिट्स के लिये स्टोर की जाती है।

Choice of RAID Level (RAID in hindi) : - 

RAID लेवल्स का चुनाव करते समय ध्यान रखना चाहिये - 
( 1 ) अतिरिक्त Disk storage requirements की कॉस्ट । 
( 2 ) I / Q ऑपरेशन्स के रूप में Performance requirements । 
( 3 ) डिस्क के फेल हो जाने के बाद Performance । 
( 4 ) पुनः निर्माण के दौरान Performance ।
failed disk  के डाटा के पुन निर्माण में लगने वाला समय निश्चित होना चाहिये और उपयोग किये जाने वाले RAID लेवल के साथ display किया जाना चाहिये । RAID Level 1 के लिये पुननिर्माण आसान होता है । चूँकि डाटा अन्य डिस्क से कॉपी किया जा सकता है , इसलिये अन्य लेवल्स के लिये ऐरे में अन्य सभी डिस्क को एक्सेस करने की आवश्यकता होती है । RAID की Rebuild Performance एक महत्वपूर्ण faceter हो सकती है यदि डाटा की आवश्यकता लगातार होती हो । इसके अतिरिक्त Rebuild time repair टाइम के विशेष भाग को सम्मिलित कर सकता है।
RAID Level 0 , high-performance applications में उपयोग किया जाता है जहाँ पर डाटा की सुरक्षा जटिल नहीं होती है । चूँकि RAID Level 2 और 4 , RAID Level 3 और 5 द्वारा बताये गये नियमों का Pursuance करतें हैं , इसलिये RAID Level का choose बचे हुये लेवल्स के लिये रोक दिया जाता है । छोटे - छोटे  tranfer के लिये डिस्क एक्सेस टाइम important होता है इसलिये Parallel reads के लाभ कम हो जाते हैं ।
RAID Level 1 और Level 5 के मध्य choice करना कठिन होता है । RAID Level 1 , डाटाबेस सिस्टम में लॉग फाइल्स के स्टोरेज जैसी एप्लीकेशन में अधिक उपयोग किया जाता है । RAID Level 5 , RAID Level 1 , की तुलना में कम Storage over head रखता है परन्तु यह लिखने के लिये Highest Time - Overhead रखता है । ऐसी एप्लीकेशन्स जहाँ डाटा अक्सर पढा जाता है और लिखा कम जाता है तो वहाँ पर Level 5 को अधिक पसन्द किया जाता है | RAID Level 5 जो कि Single logical block के लिखने के लिये आवश्यक I / Q ऑपरेशन्स में वृद्धि करता है Performance के रूप में महत्वपूर्ण Time penalty का भुगतान करता है । अत : कहा जा सकता है कि RAID Level 1 अधिकतर एप्लीकेशन्स के लिये उपयुक्त विकल्प होता है ।

Other Applications RAID in hindi : - 

RAID का Concept अन्य स्टोरेज डिवाइसेज जैसे- टेप ऐरे और डाटा  Broadcast के लिये उपयोग किया जाता है । जब टेप ऐरे को एप्लायी किया जाता है तो RAID स्ट्रक्चर डाटा को रिकवर करने योग्य होता है चाहे ऐरे में उपस्थित कोई भी एक टेप नष्ट ही क्यों न हो जाये । जब डाटा Broadcast को Applied किया जाता है तो डाटा का कए ब्लॉक छोटी - छोटी units में विभाजित कर दिया जाता है और यह Parity bit के साथ Broadcast किया जाता है ।




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