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Internet layer in hindi

आज हम internet technology in hindi मे हम internet layer in hindi के बारे में जानकारी देते क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- 
Internet layer in hindi

Internet layer in hindi:-

internet layer इससे ऊपर वाली लेयर के लिए routing का कार्य करती है । इंटरनेट में routing का जटिल और महत्वपूर्ण है जिसे internet layer इसमें उपस्थित प्रोटोकॉलों की सहायता से करती है । इस लेयर का IP प्रोटोकॉल प्रत्येक डाटा पैकेट के IP एड्रेस का जाँचता है , इसके बाद इस लेयर में प्रयुक्त किसी routing protocol की सहायता से destination कम्प्यूटर तक के सवोत्तम मार्ग का चुनाव करता है । 

Types of internet layer in hindi:-

1. IP ( इंटरनेट प्रोटोकॉल ) 
2. ARP ( एड्रेस रेज़ोलूशन प्रोटोकॉल ) 
3. RARP ( रिवर्स एड्रेस रेजोलूशन प्रोटोकॉल ) 
4. BootP ( बूट प्रोग्राम ) 

1. IP in hindi (इंटरनेट प्रोटोकॉल ) internet protocol in hindi :-

IP ( इंटरनेट प्रोटोकॉल ) , इंटरनेट के सभी प्रोटोकॉलों का आधार है । यह अलग - अलग नेटवर्कों पर स्थित दो कम्प्यूटरों के मध्य डाटा के आदान - प्रदान की व्यवस्था प्रदान करता है । किसी नेटवर्क की पैकेट store करने की क्षमता से अधिक वाले डाटा पैकेट को इंटरनेट प्रोटोकॉल विभाजित करने में भी सक्षम होता है जिससे डाटा का स्थानान्तरण संभव हो जाता है । इंटरनेट प्रोटोकॉल एक हार्डवेयर low level प्रोटोकॉल है जो रूटरों के माध्यम से जुड़े अलग - अलग प्रकार के नेटवर्कों से बने इंटरनेट और Intranet में डाटा के पैकेटों का रूट determined करता है । डाटा भेजने वाला कम्प्यूटर और प्राप्त करने वाला कम्प्यूटर दोनों ही " एंड सिस्टम ( end system ) " कहलाते हैं क्योंकि ये दोनों कम्प्यूटर , संवाद के अन्तिम बिन्दु होते हैं । एंड सिस्टमों के मध्य वाले सभी कम्प्यूटर “ इंटरमीडियेट सिस्टम " कहलाते हैं । इंटरमीडियेट सिस्टम के रूप में विभिन्न प्रकार के कम्प्यूटर उपस्थित होते हैं जैसे :- Router , Gateway , Multi - homed host आदि ।
Router विशेष प्रकार से तैयार ऐसे कम्प्यूटर होते हैं जिनके द्वारा डाटा पैकेट की रूटिंग सम्पन्न होती है । गेटवे सामान्य उद्देश्य के ऐसे कम्प्यूटर होते हैं जो केवल रूटर का ही कार्य करते हैं और रूटर के समान अन्य कोई कार्य नहीं करते हैं । मल्टी - होम्ड होस्ट ऐसे सामान्य उद्देश्यीय कम्प्यूटर होते हैं विभिन्न सेवाएँ प्रदान करते हैं जैसे फाइल सर्विस या इंटरनेट वेब साइट की होस्टिंग आदि ।

2. ARP protocol in hindi :-

full form in ARP protocol in hindi:- एड्रेस रेज़ोलूशन प्रोटोकॉल (address resolution protocol)
जब इंटरनेट प्रोटोकॉल में भेजने वाला पैकेट ( डाटाग्राम ) उपस्थित होता है तब इसकी लेयर से ऊपर वाली लेयर ( ट्रांसपोर्ट लेयर ) का IP एड्रेस pre में Inform कर चुकी होती है । लेकिन यह IP एड्रेस ऐसी format में नहीं होता जिसे मॉडल की निचली लेयर ( डाटालिंक लेयर ) का हार्डवेयर समझ सके । जिस LAN में Sender कम्प्यूटर स्थित है वह Ethernet या अन्य प्रकार का हो सकता है जिसमें ऐड्रेसिंग भिन्न प्रकार की ( 48 - बिट ईथरनेट ) होती है । क्योंकि IP- ऐड्रेस 32 - बिट का होता है । ऐड्रेसिंग की इस असमानता को दूर करना आवश्यक होता है अन्यथा निचली लेयर ( डाटा लिंक लेयर और फिजीकल लेयर ) से पैकेट का गुजरना संभव नहीं है । ARP ( एड्रेस रेजोलूशन प्रोटोकॉल ) इस समस्या का समाधान करता है । यह प्रोटोकॉल , इंटरनेट प्रोटोकॉल को कम्प्यूटर का हार्डवेयर एड्रेस खोज कर बताता है । ARP प्रोटोकॉल , IP प्रोटोकॉल के लिये एक " खोजी " ( detective ) के रूप में कार्य करता है "
ARP प्रोटोकॉल नेटवर्क को वह “ IP एड्रेस " जिसका हार्डवेयर एड्रेस पता लगाना है , broadcast करके नेटवर्क से यह पूछता है कि प्रेषित “ IP एड्रेस " का हार्डवेयर एड्रेस क्या है और उसे प्राप्त करके IP प्रोटोकॉल को सौंपता है । इंटरनेट पर प्रत्येक मशीन या कम्प्यूटर ARP प्रोटोकॉल को चलाती है । sender कम्प्यूटर को lovy@abc.com को एक संदेश भेजना है इसके लिए वह lovy@abc.com एड्रेस का प्रयोग करता है , DNS इस एड्रेस का IP एड्रेस 192.31.65.5 प्रदान करता है । इसके प्रेषक कम्प्यूटर का ARP प्रोटोकॉल इस एड्रेस को CS ईथरनेट नेटवर्क की ओर प्रसारित करता है और प्रश्न करता है " How owns IP address 192.31.65.5 ? " , इसके उत्तर में कम्प्यूटर स्वयं की उपस्थिति जाता है और इसका रूटर E2 का हार्डवेयर एड्रेस ARP को लौटाता है जहाँ से IP प्रोटोकॉल इसे प्राप्त कर लेता है ।

3. RARP in hindi ( reverse address resolution protocol in hindi ) :- 

जब किसी IP मशीन diskless होती है तो इसके पास ऐसी कोई विधि नहीं होती है कि यह अपने IP एड्रेस का जान सके । लेकिन यह मशीन इसका MAC एड्रेस जानती है । RARP प्रोटोकॉल इस MAC एड्रेस को इंटरनेट पर क्रियाशील एक RARP सर्वर की ओर भेजकर इस मशीन का IP एड्रेस पता करता है ।

4. what is Bootp in hindi:-

जब किसी डिस्क रहित मशीन ऑन की जाती है तब यह मशीन एक BoorP request इंटरनेट पर प्रसारित करती है । इंटरनेट पर क्रियाशील एक BootP सर्वर इस रिक्वेस्ट को सुनता है और इस मशीन के MAC एड्रेस को BootP फाइल में entry देखता है । यदि मशीन की entry मिल जाती है तो BootP सर्वर , मशीन का IP एड्रेस और बूट करने वाली फाइल लौटाता है।

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