सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

boolean algebra in hindi

Database storage and data dictionary in hindi

 आज हम computers in hindi मे  Database storage and data dictionary in hindi - dbms in hindi के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं-

Database storage and data dictionary in hindi:-

कम्प्यूटर सिस्टम में various types के data storage उपस्थित होते हैं । यह Storage media अपनी speed , cost और media की reliability के base पर किये जाते हैं । कुछ प्रमुख उपलब्ध media निम्नलिखित हैं 

( 1 ) कैश ( Cache ) : - 

कैश सबसे अधिक तीव्र और महँगा स्टोरेज फॉर्म है । कैश मैमोरी छोटी होती है और इसे कम्प्यूटर सिस्टम हार्डवेयर द्वारा मैनेज किया जाता है । 

( 2 ) मेन मैमोरी ( Main Memory ) : - 

डाटा के लिये उपयोग किया जाने वाला Storage medium इसकी main memory में operate करने के लिये उपलबध होता है । सामान्य objective वाले Machine Instructions Main Memory पर operate किये जाते हैं और यद्यपि main memory कई सारे megabytes को या बडे सर्वर सिस्टम में gigabytes को सम्मिलित कर सकती है । सामान्यतः यह सम्पूर्ण डाटाबेस को स्टोर करने के लिये काफी छोटा होता है । मेन मैमोरी के contant अक्सर नष्ट हो जाते हैं यदि power fail हो जाये या सिस्टम क्रैश उत्पन्न होता है ।

( 3 ) फ्लैश मैमोरी ( Flash Memory ) : - 

इसमे यह Electrically Erasable Programmable Read Only Memory- EEPROM  के नाम से भी जानी जाती है । फ्लैश मैमोरी , मेन मैमोरी से भिन्न होती है । फ्लैश मैमोरी डाटा के पढने में 100 नैनोसेकेण्ड्स से भी कम समय लेती है और फिर भी फ्लैश मैमोरी में डाटा को लिखना Hard work है इसमें डाटा को केवल एक बार ही लिखा जा सकता है जो 4 से 10 माइक्रोसेकेण्डस का समय लेता है लेकिन इसे सीधे ही दोबारा नहीं लिखा जा सकता है । फ्लैश मैमोरी का मुख्य fault यह है कि यह कुछ सीमित संख्या वाले Erage cycles को ही सपोर्ट कर सकता है । 

( 4 ) मैग्नेटिक डिस्क स्टोरेज ( Magnetic Disk Storage ) : - 

इसमे डाटा के बड़े ऑन - लाईन स्टोरेज के लिये प्राइमरी मीडियम मैग्नेटिक डिस्क है और सामान्यतः सम्पूर्ण डाटाबेस मैग्नेटिक डिस्क पर स्टोर होता है और सिस्टम डिस्क से मेन मैमारी में डाटा को मूव कर सकता है । इयीलिये ये एक्सेस किये जा सकते हैं । सिस्टम द्वारा ऑपरेशन्स को परफॉर्म करने के बाद modify किया गया डाटा डिस्क पर लिखा जा सकता है । इसमे मैग्नेटिक डिस्क का आकार कुछ गीगाबाइटस से 80 गीगाबाइटस तक होता है और इस रेंज के दोनों lower और uper and हर साल 50 % की दर से वृद्धि से वृद्धि कर रहे हैं । Disk storage power failure और system crash की स्थिति में भी कार्य करता है । इसमे डिस्क - स्टोरेज डिवाइसेज कभी - कभी स्वयं ही फेल हो सकती है और डाटा को खराब कर सकती है ।

( 5 ) ऑप्टीकल स्टोरेज ( Magnetic Disk Storage ) : - 

इसमे Magnetic Disk Storage का सबसे अधिक प्रचलित रूप  Compact Disk - CD है जो 640 मेगाबाइटस डाटा को रख सकती है और Digital Video Disk- DVD जो 4.7 या 8.5 गीगाबाइट्स डाटा को रख सकती है । डाटा एवं डिस्क पर Magnetic Disk Storage होता है और लेजर द्वारा पढा जा सकता है । इसमे ऑप्टीकल डिस्क्रीड ओनली कॉम्पैक्ट डिस्क ( CD - ROM ) में उपयोग की जाती है । रीड - ओनली डिजिटल वीडियो ( DVD - ROM ) लिखी नहीं जा सकती है लेकिन यह रिकॉर्ड किये गये डाटा के साथ Supplier की जाती है और रिकॉर्ड होने योग्य Compact Disc, Magnetic Optical Storage Devices होती है जो Magnetically Encoded Data को पढने के लिये Optical को उपयोग करती है ।

( 6 ) टैप स्टोरेज ( Tape Storage ) : - 

इसमे Tape Storage, backup और Archival  डाटा के लिये उपयोग की जाती है । यद्यपि magnetic tape , डिस्क से सस्ती होती है और यह डाटा को काफी धीमी गति से access करती है और क्योंकि टेप प्रारम्भ से ही Serial form में एक्सेस की जा सकती है । इसी कारण से टेप स्टोरेज  Sequential Access Storage की तरह माना जाता है और इसके विपरीत डिस्क स्टोरेज Direct Access Storage की तरह मानी जाती है क्योंकि डिस्क पर किसी भी लोकेशन से डाटा को पढना सम्भव होता है । टेप , उच्चतम कैपेसिटी 40 गीगाबाइट्स से 300 गीगाबाइट्स तक रखते हैं और टेप ड्राइव से रिमूव की जा सकती है ।




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

foxpro commands in hindi

आज हम computers in hindi मे  foxpro commands  क्या होता है उसके कार्य के बारे मे जानेगे?   foxpro all commands in hindi  में  तो चलिए शुरु करते हैं-   foxpro commands in hindi:-  (1) Clear command in foxpro in hindi:-  इस  command  का प्रयोग  foxpro  की main स्क्रीन ( जहां रिकॉर्ड्स / Output प्रदर्शित होते हैं ) को Clear करने के लिए किया जाता है ।  (2) Modify Structure in foxpro in hindi :-  इस  command  का प्रयोग वर्तमान प्रयुक्त  डेटाबेस  फाईल के स्ट्रक्चर में आवश्यक परिवर्तन करने के लिए किया जाता है । इसके द्वारा नये फील्ड भी जोड़े जा सकते हैं तथा पुराने फील्ड्स को हटाया व उनके साईज़ में भी परिवर्तन किया जा सकता है ।  (3) Rename in foxpro in hindi :-  इस  command  के द्वारा किसी  database  file का नाम बदला जा सकता है जिस फाईल को Rename करना हो वह मैमोरी में खुली नहीं होनी चाहिए ।   Syntax : Rename < Old filename > to < New filename >  Foxpro example: -  Rename Student.dbf to St.dbf (4) Copy file in foxpro in hindi :- इस command के द्वारा किसी एक डेटाबेस फाईल के रिकॉ

foxpro data type in hindi । फॉक्सप्रो

 आज हम computers in hindi मे फॉक्सप्रो क्या है?  Foxpro data type in hindi  कार्य के बारे मे जानेगे? How many data types are available in foxpro?    में  तो चलिए शुरु करते हैं-    How many data types are available in foxpro? ( फॉक्सप्रो में कितने डेटा प्रकार उपलब्ध हैं?):- FoxPro में बनाई गई डेटाबेस फाईल का एक्सटेन्शन नाम .dbf होता है । foxpro data type in hindi (फॉक्सप्रो डेटा प्रकार) :- Character data type Numeric data type Float data type Date data type Logical data type Memo data type General data type 1. Character data type :- Character data type  की फील्ड में अधिकतम 254 Character store किये जा सकते हैं । इस टाईप की फील्ड में अक्षर जैसे ( A , B , C , .......Z ) ( a , b , c , ...........z ) तथा इसके साथ ही न्यूमेरिक अंक ( 0-9 ) व Special Character ( + , - , / . x , ? , = ; etc ) आदि भी Store करवाए जा सकते हैं । इस प्रकार की फील्ड का प्रयोग नाम , पता , फोन नम्बर , शहर का नाम , पिता का नाम , माता का नाम आदि संग्रहित करने के लिए किया जाता है । 2. Numeric data type :- Numeric da

कंप्यूटर की पीढियां । generation of computer in hindi language

generation of computer in hindi  :- generation of computer in hindi language ( कम्प्युटर की पीढियाँ):- कम्प्यूटर तकनीकी विकास के द्वारा जो कम्प्यूटर के कार्यशैली तथा क्षमताओं में विकास हुआ इसके फलस्वरूप कम्प्यूटर विभिन्न पीढीयों तथा विभिन्न प्रकार की कम्प्यूटर की क्षमताओं के निर्माण का आविष्कार हुआ । कार्य क्षमता के इस विकास को सन् 1964 में कम्प्यूटर जनरेशन (computer generation) कहा जाने लगा । इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर के विकास को सन् 1946 से अब तक पाँच पीढ़ियों में वर्गीकृत किया जा सकता है । प्रत्येक नई पीढ़ी की शुरुआत कम्प्यूटर में प्रयुक्त नये प्रोसेसर , परिपथ और अन्य पुर्षों के आधार पर निर्धारित की जा सकती है । ● First Generation of computer in hindi  (कम्प्युटर की प्रथम पीढ़ी) : Vacuum Tubes ( वैक्यूम ट्यूब्स) ( 1946 - 1958 ):- प्रथम इलेक्ट्रॉनिक ' कम्प्यूटर 1946 में अस्तित्व में आया था तथा उसका नाम इलैक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इन्टीग्रेटर एन्ड कैलकुलेटर ( ENIAC ) था । इसका आविष्कार जे . पी . ईकर्ट ( J . P . Eckert ) तथा जे . डब्ल्यू . मोश्ले ( J . W .