सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

Depth Buffer Algorithm

Loop in c language in hindi

आज हम C language tutorial in hindi मे हम Loop in c language in hindi के बारे में जानकारी देते क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- 

Loop in c language in hindi:-

" जब एक या अनेक statements के समूह ( compound statement ) को बार बार दोहराकर execute करवाया जाता है तो इस implementation को लूपिंग ( Looping ) या Repititive Execution कहते हैं । 

Types of Loop in c language in hindi:-

1. while लूप ,
2. do while लूप तथा 
3. for लूप । 
ये Loop इनमें दी गई condition के रहने तक Loop body compound statements के implementation को दोहराते रहते हैं । 

1.while लूप ( The while loop in c in hindi) :-

यह दी गई Condition के true रहने तक इसकी  Loop body के statements के Execution को दोहराता रहता है । Condition के false होने पर loop समाप्त हो जाता है इसे लूप exit करते हैं ।
while loop in c in hindi

Format of while loop in c in hindi :-

while ( condition )
 {
             statement ;
 } 
 while : keyword.
 Condition: compound statement.

2.
do - while Loop in c in hindi

do - while Loop in c in hindi :- 

statements को execute करके condition को जाँचता है यही क्रम तब तक दोहराया जाता है जब तक condition true do - while इसकी Loop body में लिखे ( True ) रहती है । इस प्रकार do while लूप बॉडी कथनों को कम से कम एक बार execute करता है । यह शर्त लूप बॉडी के बाद जाँचता है अतः यह Posted Loop कहलाता है । 

Format in do while Loop in c in hindi:-

do 
     Statement ; 
}
 while < conditions> ; 
यहाँ do की वर्ड है । 
Statement : सामान्य या compound statement हैं।
 while: की वर्ड है ।
Note: do while loop के format में while ( condition ) के बाद सेमीकॉलन ( ; ) लगाया जाता है । do - while लूप इसमें दी गई शर्त के False होने पर भी कम से कम एक बार क्रियान्वित होकर रहता है । 

3. For Loop in c in hindi:-

for Loop में निर्धारित की गयी अन्तिम संख्या तक Loop Body के implementation की repetition होती है । इस loop में प्रायः एक वेरियेबल का Initial Value , उसके अंतिम मान की Condition और वेरियेबल के मान में वृद्धि दी जाती है । 

For Loop in c in hindi


Format in for loop in c in hindi:-

for ( वेरियेबल प्रारम्भिक मान ; वेरियेबल < = अन्तिम मानः वेरियेबल के मान में वृद्धि या कमी ) 
           Statement ; 
( i ) जब for loop execute होता है तो वेरियेबल का प्रारंभिक मान Assign हो जाता है और नियन्त्रण इसकी लूप बॉडी में चला जाता है । 
( ii ) Loop Body का statement executed होने के बाद वेरियेबल में एक की वृद्धि अथवा दी गई वृद्धि ( या कमी ) होती है ।
( iii ) for लूप } से नियन्त्रण पुनः for पर पहुँचता है और वेरियेबल के मान की अन्तिम मान से जाँच होती है यदि इस Test का मान True है तो नियन्त्रण पुनः { के नीचे लूप बॉडी में जाता है ।
( iv ) पद ( ii ) और ( iii ) की तब repetition होती है जब तक कि पद ( iii ) में जाँच ( Test ) False न हो जाये । जाँच False होने पर लूप exit हो जाता है और } के बाद लिखे प्रोग्राम के शेष statement executed होने लगते हैं। 
for लूप भी while loop के समान Pre - tested Loop है । 
Note - for loop की body में यदि केवल एक कथन लिखना हो तो इसमें ब्रेस ( { } ) लगाने की आवश्यकता नहीं होती है ।

Nested Loop :-

जब किसी Loop में एक या अनेक  Loop execute किये जायें तो यह Loop का यह युग्म नेस्टेड लूप ( Nested Loop ) कहलाता है । 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ms excel functions in hindi

  आज हम  computer in hindi  मे ms excel functions in hindi(एमएस एक्सेल में फंक्शन क्या है)   -   Ms-excel tutorial in hindi   के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- ms excel functions in hindi (एमएस एक्सेल में फंक्शन क्या है):- वर्कशीट में लिखी हुई संख्याओं पर फॉर्मूलों की सहायता से विभिन्न प्रकार की गणनाएँ की जा सकती हैं , जैसे — जोड़ना , घटाना , गुणा करना , भाग देना आदि । Function Excel में पहले से तैयार ऐसे फॉर्मूले हैं जिनकी सहायता से हम जटिल व लम्बी गणनाएँ आसानी से कर सकते हैं । Cell Reference में हमने यह समझा था कि फॉर्मूलों में हम जिन cells को काम में लेना चाहते हैं उनमें लिखी वास्तविक संख्या की जगह सरलता के लिए हम उन सैलों के Address की रेन्ज का उपयोग करते हैं । अत : सैल एड्रेस की रेन्ज के बारे में भी जानकारी होना आवश्यक होता है । सैल एड्रेस से आशय सैल के एक समूह या श्रृंखला से है । यदि हम किसी गणना के लिए B1 से लेकर  F1  सैल को काम में लेना चाहते हैं तो इसके लिए हम सैल B1 , C1 , D1 , E1 व FI को टाइप करें या इसे सैल Address की श्रेणी के रूप में B1:F1 टाइ

window accessories kya hai

  आज हम  computer in hindi  मे window accessories kya hai (एसेसरीज क्या है)   -   Ms-windows tutorial in hindi   के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं- window accessories kya hai (एसेसरीज क्या है)  :- Microsoft Windows  कुछ विशेष कार्यों के लिए छोटे - छोटे प्रोग्राम प्रदान करता है इन्हें विण्डो एप्लेट्स ( Window Applets ) कहा जाता है । उनमें से कुछ प्रोग्राम उन ( Gadgets ) गेजेट्स की तरह के हो सकते हैं जिन्हें हम अपनी टेबल पर रखे हुए रहते हैं । कुछ प्रोग्राम पूर्ण अनुप्रयोग प्रोग्रामों का सीमित संस्करण होते हैं । Windows में ये प्रोग्राम Accessories Group में से प्राप्त किये जा सकते हैं । Accessories में उपलब्ध मुख्य प्रोग्रामों को काम में लेकर हम अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कार्यों को सम्पन्न कर सकते हैं ।  structure of window accessories:- Start → Program Accessories पर click Types of accessories in hindi:- ( 1 ) Entertainment :-   Windows Accessories  के Entertainment Group Media Player , Sound Recorder , CD Player a Windows Media Player आदि प्रोग्राम्स उपलब्ध होते है

applet in java in hindi

  आज हम  computers  in hindi   मे   applet in java in hindi  (java programming in hindi)  -   Internet tools in hindi  के बारे में  जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं-  Applet in java in hindi:- applet in java  के वे छोटे प्रोग्राम होते हैं जो इन्टरनेट प्रोग्रामिंग में काम में लिए जाते हैं । यह  applet  एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर पर भेजे जा सकते हैं , तथा फिर इन्हें किसी भी वेब ब्राउज़र या एप्लेट व्यूअर द्वारा रन कराया जा सकता है ।  एक  applet  किसी एप्लीकेशन प्रोग्राम की तरह कई कार्य कर सकता है , जैसे गणितिय गणनाएं करना , ग्राफिक्स प्रदर्शित करना , साउंड का प्रयोग करना , यूजर से इनपुट लेना आदि । life cycle applet in hindi :- 1. Born Or Initialization State  2. Running State  3. Idle State 4. Dead Or Destroyed State 1. Born Or Initialization State :- एक  applet  बोर्न स्टेट में तब आता है जब वह load होता है । किसी  applet  को लोड करने के लिए  applet  क्लास के init () मैथड का प्रयोग किया जाता है । आवश्यकता होने पर एप्लेट क्लास के init ( ) मैथड ओवरराईड किया जा सकता है -