सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

boolean algebra in hindi

types of file organization in hindi (File organization in dbms in hindi)

आज हम computers in hindi मे  types of file organization in hindi (file organization in dbms in hindi) - dbms in hindi के बारे में जानकारी देगे क्या होती है तो चलिए शुरु करते हैं-

types of file organization in hindi (File organization in dbms in hindi):-

जैसा कि हम पहले ही पढ चुके हैं कि types of file organization in hindi (file organization in dbms in hindi) को किस प्रकार display करते हैं । इसके बाद next step यह है कि इन्हें फाइल में किस प्रकार से Organization किया जाये।

1. Heap file Organization in dbms: - 

किसी भी records को फाइल में कहीं भी space खाली होने पर Established किया जा सकता है । इसमें records को किसी भी क्रम में Established किया जा सकता है । इसमें प्रत्येक relation के लिये एक single file होती है । 

2. Sequential File Organization in dbms :-

 इसमें records को एक Sort ways से स्टोर किया जाता है । इन्हें प्रत्येक रिकॉर्ड को search के अनुसार स्टोर करते हैं । 

3. Hashing File Organization in dbms:- 

Hash function को प्रत्येक records के कुछ Attribute पर Calculate किया जाता है । Hash function का Result set किये गये record की फाइल का उपयोग किया जाता है । फिर भी , Clustering file में स्टोर किये जाते हैं । इसके अतिरिक्त Different Relation के Related records एक ही ब्लॉक पर स्टोर किये जाते हैं । इसलिये एक 1 / Q operation सभी relation से Related record को लाता है।

Sequential file Organization (file organization in dbms in hindi) :-

एक Sequential file को Search Key पर Records based की Excellent processing के लिये design किया जाता है । search-key , कोई भी Attribute का set हो सकती है । इसे Primary - Key या super-key की आवश्यकता नहीं होती है । किसीsearch की में records के पुनः प्राप्ति को लागू करने के लिये हमें pointers द्वाराrecords को जोडने की आवश्यकता होती है । प्रत्येक रिकॉर्ड का pointer search की order में अगले रिकॉर्ड को display करता है । इसके Additional Sequential File Processing में access किये जाने वाले ब्लॉक्स की संख्या को कम करने के लिये रिकॉर्ड्स को सर्च की order में Physically store करने की आवश्यकता होती है । 
Example:- सर्च की order में record को स्टोर किया गया है और Branch Name का उपयोग सर्च की की तरह किया गया है ।
heap file organization in dbms
Sequential file organizations , records को Sorted order में पढ़ने के लिये Permission देते हैं जो display objective के लिये usefull हो सकता है । यद्यपि Sequential order को Organized करना कठिन है क्योंकि records को  insert और delete किया जाता है । Deletion को pointer chain की सहायता से Organized किया जाता है । 
Insertion के लिये कुछ rules को Follow किया जा सकता है -
1. उस record को Locket करना जो search-key order में insert किये जाने वाले रिकॉर्ड से पहले आता है। 2. यदि यहाँ एक जैसे block में free record हैं जो वहाँ नये records को insert किया जाता है ।

Clustering File Organization(file organization in dbms in hindi) :- 

अधिकतर रिलेशनल डाटाबेस सिस्टम , प्रत्येक रिलेशन को एक विभाजित फाइल में स्टोर करते हैं । अत : ये ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा प्रदान किये जाने वाले फाइल सिस्टम का पूरा ली । उछाते हैं । सामान्यतः Relationship Taps Fixed - Length Records की तरह प्रदर्शित किये जा सकते हैं । अत : रिलेशन्स को एक सरल फाइल स्ट्रक्चर के लिये मैप किया जा सकता है । रिलेशनल डाटाबेस सिस्टम का यह सरल Implementation कम कॉस्ट वाले डाटाबेस Implementation के लिये उपयुक्त होता है । इस प्रकार के सिस्टम में डाटाबेस का आकार काफी छोटा होता है । इसके अतिरिक्त इस प्रकार की स्थिति के लिये यह आवश्यक है कि डाटाबेस सिस्टम के लिये ऑब्जेक्ट कोड का साइज छोटा हो । एक सरल File structure system को Executed करने के लिये कोड की संख्या में कमी करता हैै।
relation database implementation की यह सरल approach डाटाबेस का साइज बढ़ने की स्थिति मे होती है । स्पष्ट है कि एक Complex file structure लाभदायक हो सकता है परन्तु तभी जब प्रत्येक रिलेशन को एक विभाजित फाइल में स्टोर करने के लिये Strategy को रखा गया हो । फिर भी कई सारे Large-Scale Database System पर कार्य नहीं करते हैं । इसके स्थान पर एक लार्ज ऑपरेटिंग सिस्टम फाइल डाटाबेस सिस्टम को एलोकेट की जाती है । डाटाबेस सिस्टम  इन सभीरिलेशन को एक फाइल में स्टोर कर देता है और स्वयं ही इन फाइल्स को Organized करता है । Clustering file organization , एक फाइल में Organization records को read में सहायता करता है जो Block reading के द्वारा Join condition को पूरा करता है।






टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

foxpro commands in hindi

आज हम computers in hindi मे  foxpro commands  क्या होता है उसके कार्य के बारे मे जानेगे?   foxpro all commands in hindi  में  तो चलिए शुरु करते हैं-   foxpro commands in hindi:-  (1) Clear command in foxpro in hindi:-  इस  command  का प्रयोग  foxpro  की main स्क्रीन ( जहां रिकॉर्ड्स / Output प्रदर्शित होते हैं ) को Clear करने के लिए किया जाता है ।  (2) Modify Structure in foxpro in hindi :-  इस  command  का प्रयोग वर्तमान प्रयुक्त  डेटाबेस  फाईल के स्ट्रक्चर में आवश्यक परिवर्तन करने के लिए किया जाता है । इसके द्वारा नये फील्ड भी जोड़े जा सकते हैं तथा पुराने फील्ड्स को हटाया व उनके साईज़ में भी परिवर्तन किया जा सकता है ।  (3) Rename in foxpro in hindi :-  इस  command  के द्वारा किसी  database  file का नाम बदला जा सकता है जिस फाईल को Rename करना हो वह मैमोरी में खुली नहीं होनी चाहिए ।   Syntax : Rename < Old filename > to < New filename >  Foxpro example: -  Rename Student.dbf to St.dbf (4) Copy file in foxpro in hindi :- इस command के द्वारा किसी एक डेटाबेस फाईल के रिकॉ

foxpro data type in hindi । फॉक्सप्रो

 आज हम computers in hindi मे फॉक्सप्रो क्या है?  Foxpro data type in hindi  कार्य के बारे मे जानेगे? How many data types are available in foxpro?    में  तो चलिए शुरु करते हैं-    How many data types are available in foxpro? ( फॉक्सप्रो में कितने डेटा प्रकार उपलब्ध हैं?):- FoxPro में बनाई गई डेटाबेस फाईल का एक्सटेन्शन नाम .dbf होता है । foxpro data type in hindi (फॉक्सप्रो डेटा प्रकार) :- Character data type Numeric data type Float data type Date data type Logical data type Memo data type General data type 1. Character data type :- Character data type  की फील्ड में अधिकतम 254 Character store किये जा सकते हैं । इस टाईप की फील्ड में अक्षर जैसे ( A , B , C , .......Z ) ( a , b , c , ...........z ) तथा इसके साथ ही न्यूमेरिक अंक ( 0-9 ) व Special Character ( + , - , / . x , ? , = ; etc ) आदि भी Store करवाए जा सकते हैं । इस प्रकार की फील्ड का प्रयोग नाम , पता , फोन नम्बर , शहर का नाम , पिता का नाम , माता का नाम आदि संग्रहित करने के लिए किया जाता है । 2. Numeric data type :- Numeric da

कंप्यूटर की पीढियां । generation of computer in hindi language

generation of computer in hindi  :- generation of computer in hindi language ( कम्प्युटर की पीढियाँ):- कम्प्यूटर तकनीकी विकास के द्वारा जो कम्प्यूटर के कार्यशैली तथा क्षमताओं में विकास हुआ इसके फलस्वरूप कम्प्यूटर विभिन्न पीढीयों तथा विभिन्न प्रकार की कम्प्यूटर की क्षमताओं के निर्माण का आविष्कार हुआ । कार्य क्षमता के इस विकास को सन् 1964 में कम्प्यूटर जनरेशन (computer generation) कहा जाने लगा । इलेक्ट्रॉनिक कम्प्यूटर के विकास को सन् 1946 से अब तक पाँच पीढ़ियों में वर्गीकृत किया जा सकता है । प्रत्येक नई पीढ़ी की शुरुआत कम्प्यूटर में प्रयुक्त नये प्रोसेसर , परिपथ और अन्य पुर्षों के आधार पर निर्धारित की जा सकती है । ● First Generation of computer in hindi  (कम्प्युटर की प्रथम पीढ़ी) : Vacuum Tubes ( वैक्यूम ट्यूब्स) ( 1946 - 1958 ):- प्रथम इलेक्ट्रॉनिक ' कम्प्यूटर 1946 में अस्तित्व में आया था तथा उसका नाम इलैक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इन्टीग्रेटर एन्ड कैलकुलेटर ( ENIAC ) था । इसका आविष्कार जे . पी . ईकर्ट ( J . P . Eckert ) तथा जे . डब्ल्यू . मोश्ले ( J . W .