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Teej and Sinjhara

 what is hariyali teej and sinjhara:- Teej and Sinjhara(सिन्झारा और तीज):- जैसे-जैसे इंटरनेट का दायरा बढ़ा है वैसे-वैसे स्थानीयता ने भी विस्तार पाया है। लोग अपने रीति रिवाजों को पहले से भी अधिक उत्साह से मनाने लगे हैं। हालांकि सीधे तौर पर इसका कारण बाजार ही है और बाजार की रौनक ही घर तक आती है। जो भी हो, लोग अधिक उत्साहित और उदार हुए हैं। वे अपने आस-पास के लोगों की कला, परंपरा और संस्कृति में रुचि लेने लगे हैं। इसी क्रम में राजस्थान के त्योहार जो कभी राजस्थान तक ही सीमित थे, सच कहूँ तो राजस्थानी लोक तक ही सीमित क्योंकि आधिकारिक रूप से उत्सव तो उन्हें आज भी नहीं माना है । > राजस्थान के अपने दो त्योहार जिनमें इस प्रदेश की आत्मा प्रतिबिंबित होती है- तीज और गणगौर । तीज त्योहारों का आगम है और गणगौर समापन। इसीलिए यहाँ कहावत है- तीज तिंवारां बावड़ी ले डूबी गणगौर। दोनों ही उत्सवों को राजस्थान सरकार नहीं जानती इसलिए इन पर कोई अवकाश नहीं। पर उत्सव अवकाशों की दरकार थोड़े रखते हैं। लोग छुट्टी लेकर मनायेंगे। खैर! जो त्योहार अब तक स्थानीय थे वे अब बाहर के लोगों के भी ध्यान में आ रहे हैं। रज...