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नवंबर, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ahilya Bai Holkar story part-8

  पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर:- पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर- राज्य का आर्थिक प्रबंधन-1:- देवी अहिल्या की शैक्षिक और आर्थिक मामलों में दृष्टि बड़ी तीक्ष्ण थी। वे निर्णय क्षमता संपन्न महिला थीं।  मालवा की स्थिति भारत में मध्य में है, देवी अहिल्या ने इस भौगोलिक स्थिति का लाभ लेकर व्यापार को बढ़ाया। उन्होंने नए उद्योगों, खेती और व्यापार के लिए विशेष प्रयास किये। उन्होंने अपनी टकसाल बनवाई और रोजगार के पर्याप्त अवसरों का निर्माण किया। सन् 1759 में उन्होंने बुनकर के रूप में मालू समाज को महेश्वर में बसाया। इन्हें वाराणसी से बुलाया गया था। महेश्वर में उत्कृष्ट कपड़े के निर्माण का कार्य आरम्भ हुआ। कपडे के कच्चे माल से लेकर विपणन (मार्केटिंग) व ब्रांडिंग का अनूठा उदाहरण यही 'माहेश्वरी साड़ी' है, जो आज जग विख्यात है। माहेश्वरी साड़ी का निर्माण स्वयंसहायता समूह के द्वारा स्वावलम्बन का एक सफल अनूठा प्रयोग था। निरन्तर.... पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर- राज्य का आर्थिक प्रबंधन-2:- वीरगति प्राप्त सैनिकों की पत्नियों के लिए भी अहिल्या माता ने स्वयंसहायता समूह बनवाए। ...

Ahilya Bai Holkar story part-7

पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर:- पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर -राजनैतिक प्रबंधन-1:- मालवा की यह रानी एक प्रभावशाली शासक होने के साथ साथ कुशल राजनीतिज्ञ भी थी। "सन् 1772 में उन्होंने पत्र लिख कर पेशवा को सावधान किया 'अंग्रेजों का प्रेम उस भालू के समान है जो गुदगुदी कर करके ही प्राण निकाल लेता है।' इस प्रकार यह समझा जा सकता है कि अहिल्याबाई का कूटनीतिक व राजनीतिक चिंतन उच्च कोटि का था।" अहिल्याबाई होल्कर ने अपने निकट स्थित किसी भी राज्य पर कभी हमला नहीं किया... लेकिन यदि किसी ने उनकी और आंख उठाकर देखा तो वे उसका मुंहतोड़ जबाब देने की हिम्मत भी रखती थी। उनका विश्वास अनावश्यक युद्ध में कभी नहीं रहा लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं था कि वे एक भीरू शासिका थीं। "उनका कहना था कि 'समस्त भारत की जनता एक है। भारत हमारा एक बड़ा राष्ट्र है। छोटे-बड़े राज्यों का भेद विष के समान है। यह भेद का विष एक दिन हम सबको नरक में धकेलेगा।' पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर- राजनैतिक प्रबंधन-2:- अहिल्याबाई के एकमात्र पुत्र मालेराव की मृत्यु के बाद राज्य का कोई उत्तर...

Ahilya Bai Holkar story part-6

पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर-6:- पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर- राजनैतिक प्रबंधन-1:- मालवा की यह रानी एक प्रभावशाली शासक होने के साथ साथ कुशल राजनीतिज्ञ भी थी। *सन् 1772 में उन्होंने पत्र लिख कर पेशवा को सावधान किया 'अंग्रेजों का प्रेम उस भालू के समान है जो गुदगुदी कर करके ही प्राण निकाल लेता है।' इस प्रकार यह समझा जा सकता है कि अहिल्याबाई का कूटनीतिक व राजनीतिक चिंतन उच्च कोटि का था। अहिल्याबाई होल्कर ने अपने निकट स्थित किसी भी राज्य पर कभी हमला नहीं किया... लेकिन यदि किसी ने उनकी और आंख उठाकर देखा तो वे उसका मुंहतोड़ जबाब देने की हिम्मत भी रखती थी। उनका विश्वास अनावश्यक युद्ध में कभी नहीं रहा लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं था कि वे एक भीरू शासिका थीं। "उनका कहना था कि 'समस्त भारत की जनता एक है। भारत हमारा एक बड़ा राष्ट्र है। छोटे-बड़े राज्यों का भेद विष के समान है। यह भेद का विष एक दिन हम सबको नरक में धकेलेगा।"   पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर- राजनैतिक प्रबंधन-2:- अहिल्याबाई के एकमात्र पुत्र मालेराव की मृत्यु के बाद राज्य का कोई उत्तराधिकारी...

Ahilya Bai Holkar story part-5

  पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर-5:- पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर-  प्रशासक देवी अहिल्या-1 अहिल्या देवी अत्यंत दूरदर्शी प्रशासिका भी थी। देवी अहिल्या के शासन को जॉन मलकुम ने "The Model of Good Governence" कहा। देवी अहिल्या ने प्रातः स्मरणीया जीजाबाई (जिजाऊ) और छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श को अपने सामने रखा था। जैसे शिवाजी समर्थ गुरु रामदास और मां तुलजा भवानी का प्रतिनिधि बनकर शासन कर रहे थे, वैसे ही अहिल्या माता भी भगवान शंकर की प्रतिनिधि बनकर राजकार्य कर रही थी। जिस प्रकार छत्रपति शिवाजी के दरबार में अष्टप्रधान थे, उसी प्रकार अहिल्या माता ने 37 विभाग और उन सबके प्रधानों को नियुक्त किया था। पूरे देश में दृष्टि रखी जा सके और देश के विभिन्न स्थानों की सूचनाओं उन्हें यथासमय मिलती रहे, इसलिए देश के लगभग 13 संस्थानों (राजदरबारों) में उन्होंने अपने अधिवक्ता नियुक्त किये थे, और उन सभी संस्थाओं के एक-एक अधिवक्ता अपने स्वयं के दरबार में भी रखे हुए थे। यह एक ऐसा सूचना तंत्र (नेटवर्क) था, जिसके माध्यम से देवी अहिल्या संपूर्ण देश की जानकारी से सदैव अवगत रहती थी। पुण्यश्ल...

Ahilya Bai Holkar story part-4

  पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर-4:-       पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर - धर्मनिष्ठा :- महारानी अहिल्याबाई की प्रारंभ से ही महादेव पर अटूट आस्था रही। उनकी दिनचर्या किसी संत के समान थी। वे प्रतिदिन ब्रह्ममुहर्त में उठकर स्नान, पूजा, ध्यान से निवृत्त होकर अपनी गाय श्यामा के दर्शन करने के उपरांत लोकसेवा के कार्य में लग जाती थी। अन्नदान व धनदान उनका नित्य कर्म होता था। माँ नर्मदा के प्रति उनकी गहरी आस्था थी। अतः माँ नर्मदा की परिक्रमा के श्रद्धालुओं हेतु  उन्होंने भोजन, विश्राम व अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रबंध करवाया। शिव के प्रति उनके समर्पण भाव का पता इस बात से चलता है कि वे राजकाज सम्बन्धी आज्ञाओं पर हस्ताक्षर करते समय अपना नाम नहीं लिखती थी बल्कि पत्र के नीचे केवल 'श्री शंकर' लिख देती थी। उनके कार्यकाल में जारी किये गये रुपयों पर शिवलिंग और बिल्व पत्र का चित्र और पैसों पर नंदी का चित्र अंकित होते थे।

Ahilya Bai Holkar story part-3

  पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर-3:- पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर जीवनवृत्त-1:- 31 मई 1723 को अहमदनगर के चौंडी ग्राम में माता सुशीला व पिता माणकोजी शिंदे के घर तीसरी संतान के रूप में अहिल्या का जन्म हुआ। मानकोजी स्वयं अपनी पुत्री अहिल्या को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण देते थे। उन्होंने बालपन में ही उन्हें गणित, भूगोल, घुड़सवारी युद्ध, पत्र व्यवहार इत्यादि विधाओं का ज्ञान देना प्रारंभ कर दिया था। अहिल्या खेल-खेल में कभी मिट्टी के हाथी, घोड़े, किले बनाती तो कभी शिवलिंग। मल्हारराव जी, बाजीराव पेशवा के मित्र भी थे और उनके सैन्य में भी थे। मल्हार राव जी को मालवा का सूबेदार नियुक्त किया गया था। एक दिन पुणे जाते समय मल्हार राव होलकर चौंडी गांव में विश्राम के लिए रुके। एकाएक उनकी नजर एक बच्ची अहिल्याबाई पर पड़ी, जो एकाग्रचित्त होकर भगवान शिव की आराधना कर रही थीं। दीपक की लौ से उनका मुख आलोकित हो रहा था। "इतनी कम उम्र में उस लड़की की धर्मनिष्ठा को देख मल्हारराव होलकर काफी प्रभावित हुए। उनकी यह सादगी, विनम्रता और भक्ति भाव मल्हार राव होलकर को भा गया।" पुण्यश्लोका ल...

Ahilya Bai Holkar story part-2

  पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर-2:- केवल अपने राज्य में ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण देश के "मंदिरों की पूजन-व्यवस्था और उनके आर्थिक प्रबंधन'' पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया। बद्रीनाथ से रामेश्वरम तक और द्वारिका से लेकर पुरी तक "विधर्मी आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मंदिरों का उन्होंने पुनर्निर्माण" करवाया।  प्राचीन काल से चलती आयी और आक्रमण काल में " खंडित हुई तीर्थयात्राओं में उनके कामों से नवीन चेतना आयी।" इन वृहद कार्यों के कारण ही उन्हें 'पुण्यश्लोक' की उपाधि मिली। संपूर्ण भारतवर्ष में फैले हुए इन पवित्र स्थानों का विकास वास्तव में उनकी राष्ट्रीय दृष्टि का परिचायक है। पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई की जयंती के 300 वें वर्ष के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन् करते हुए समस्त सनातन समाज बंधु-भगिनी इस पर्व पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में मनोयोग से सहभाग करें। उनके दिखाये गए सादगी, चारित्र्य, धर्मनिष्ठा और  राष्ट्रीय स्वाभिमान के मार्ग पर अग्रसर होना ही उन्हें सच्ची श्रध्दांजलि होगी।

Ahilya Bai Holkar story part-1

पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर-1:- 31 मई, 2024 से अहल्यादेवी होलकर का ' 300 वाँ ' जयंती वर्ष प्रारंभ हो गया है। उनका जीवन भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली स्वर्णिम पर्व है। ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले सामान्य परिवार की बालिका से एक असाधारण शासनकर्ता तक की उनकी जीवनयात्रा आज भी प्रेरणा का महान स्रोत है। वे कर्तृत्व परायण, सादगी, धर्म के प्रति समर्पण, प्रशासनिक कुशलता, दूरदृष्टि एवं उज्वल राष्ट्रीय चारित्र्य का अद्वितीय आदर्श थीं।  'श्री शंकर आज्ञेवरून' (श्री शंकर जी की आज्ञानुसार) इस राजमुद्रा से चलने वाला उनका शासन हमेशा भगवान् शंकर के प्रतिनिधि के रूप में ही काम करता रहा....।  उनका लोक कल्याणकारी शासन भूमिहीन किसानों, भीलों जैसे जनजाति समूहों तथा विधवाओं के हितों की रक्षा करनेवाला एक आदर्श शासन था।   समाजसुधार, कृषिसुधार, जल प्रबंधन, पर्यावरण रक्षा, जनकल्याण और शिक्षा के प्रति समर्पित होने के साथ साथ उनका शासन न्यायप्रिय भी था।   समाज के सभी वर्गों का सम्मान, सुरक्षा, प्रगति के अवसर देने वाली समरसता की दृष्टि उनके प्रशासन का आधार रही।   

Java script notes in hindi

:- Java script notes in hindi:- Javascript के हिन्दी नोट्स - Javascript notes pdf in hindi:-  आज हम आपको JAVA की PDF  देने जा रहे है। जिसे आप आसानी से डाउनलोड करके पढ़ सकते हैं।

Alt code shortcuts

50+ Alt+ computer symbols:- 1. Alt + 0169 – (Copyright symbol) 2. Alt + 0174 – (Registered symbol) 3. Alt + 0177 – ± (Plus-minus symbol) 4. Alt + 0183 – · (Midpoint symbol) 5. Alt + 0190 – (Female symbol) 6. Alt + 0191 – (Male symbol) 7. Alt + 0215 – × (Multiplication symbol) 8. Alt + 0247 – ÷ (Division symbol) 9. Alt + 0253 – (Bullet symbol) 10. Alt + 0261 – (Degree symbol) 11. Alt + 0304 – (Macron symbol) 12. Alt + 0327 – (Section symbol) 13. Alt + 0384 – (Cross symbol) symbol) 14. Alt + 0391 - (Greek alpha symbol) 15. Alt + 0392 - (Greek beta symbol) 16. Alt + 0401 - (Greek gamma symbol) 17. Alt + 0402 - (Greek delta symbol) 18. Alt + 0403 - (Greek epsilon symbol) 19. Alt + 0404 - (Greek zeta symbol) 20. Alt + 0405 - (Greek eta symbol) 21. Alt + 0406 - (Greek theta symbol) 22. Alt + 0407 - (Greek iota symbol) 23. Alt + 0408 - (Greek kappa symbol) 24. Alt + 0409 - (Greek lambda symbol) 25. Alt + 0410 - (Greek mu symbol) 26. Alt + 0411 - (Greek nu symbol) 27. Alt + 0412 - (Greek Ze ...

MS paint shortcut keys

 MS Paint shortcut keys:-  यहाँ शॉर्टकट कीज़ की सूची है जो एमएस पेंट में उपयोग की जा सकती हैं: फ़ाइल मेनू:- 1. Ctrl + N - नया फ़ाइल बनाएं 2. Ctrl + O - फ़ाइल खोलें 3. Ctrl + S - फ़ाइल सहेजें 4. Ctrl + P - प्रिंट करें 5. Ctrl + Q - एमएस पेंट बंद करें Editing Menu:- 1. Ctrl + Z - अंतिम कार्रवाई को पूर्ववत करें 2. Ctrl + Y - अंतिम कार्रवाई को दोहराएं 3. Ctrl + X - काटें 4. Ctrl + C - कॉपी करें 5. Ctrl + V - चिपकाएं View Menu :- 1. Ctrl + F - फ़ॉन्ट चुनें 2. Ctrl + I - इटैलिक चुनें 3. Ctrl + B - बोल्ड चुनें 4. Ctrl + U - अंडरलाइन चुनें 5. Ctrl + Shift + > - फ़ॉन्ट का आकार बढ़ाएं Color and Pencil Menu :- 1. Ctrl + Shift + L - रंग चुनें 2. Ctrl + Shift + R - रंग बदलें 3. Ctrl + Shift + P - पेंसिल चुनें 4. Ctrl + Shift + B - पेंसिल का आकार बदलें 5. Ctrl + Shift + I - पेंसिल का रंग बदलें Size and Position Menu :-  1. Ctrl + Shift + S - आकार बदलें 2. Ctrl + Shift + A - आकार समायोजित करें 3. Ctrl + Shift + R - स्थिति बदलें 4. Ctrl + Shift + T - स्थिति समायोजित करें 5. Ctrl + Shi...

Dbms notes pdf in hindi

DBMS notes pdf in hindi DBMS के हिन्दी नोट्स - DBMS notes pdf in hindi:-  आज हम आपको DBMS की PDF  देने जा रहे है। जिसे आप आसानी से डाउनलोड करके पढ़ सकते हैं।

What is ISO standard in hindi

 ISO standard in hindi:- ISO एक ग्रुप या consatrtium है जिसको 63/178 देश ने establish किया है। ISO 9000 series , ISO द्वारा 1987 में establish की गई। इसका used high Quality / System Quality को बनाए रखने के लिए ISO 9000 series के Guidelines का compliance करना होगा। ISO 9000 मानक एक अंतर्राष्ट्रीय मानक है जो Quality Management System (QMS) के लिए guidance प्रदान करता है। ISO 9000 Standard का उपयोग मुख्य रूप से Addressed/Represented करने के लिए किया जाता है। ISO full form in hindi:-  इंटरनैशनल ऑर्गनाइज़ेशन फॉर स्टैंडर्डाइज़ेशन  (International Organization for Standardization) ISO 9000, एक well known और Widely used से स्वीकृत (approved), Quality Management System, Geneva, Switzerland में International Organization for Standardization (ISO) द्वारा developed standards की एक series है। ISO 9000 Quality Management Systems के लिए तीन International Standards की एक series है। वे Management Systems के Design और Evaluation के लिए आवश्यकताओं और Recommendations को specified कर...

Yadi YouTube par ek video 1.5x speed par 78 minute mein puri ho rahi hai, to 1x speed par dekheney par uski avadhi badh jayegi. 1x speed par video ki avadhi = 78 minute x 1.5 1x speed par video ki avadhi = 117 minute Isliye, 1x speed par video 117 minute mein puri hogi.

You tube par ek video 1.5x speed par dekhne par 78mint me puri ho rhi hai to 1x ki speed par dekhne par kitne mint. me puri hogi? (यू ट्यूब पर एक वीडियो 1.5x स्पीड पर देखने पर 78 मिनट में पूरी हो गई है तो 1x की स्पीड पर कितने मिनट। मैं पूरी होगी?) Ans:- Yadi YouTube par ek video 1.5x speed par 78 minute mein puri ho rahi hai, to 1x speed par dekheney par uski avadhi badh jayegi. 1x speed par video ki avadhi = 78 minute x 1.5 1x speed par video ki avadhi = 117 minute Isliye, 1x speed par video 117 minute mein puri hogi. (यदी यूट्यूब पर एक वीडियो 1.5x स्पीड पर 78 मिनट में पूरी हो रही है, तो 1x स्पीड पर देखने पर उसकी अवधि बढ़ जाएगी।  1x स्पीड पार वीडियो की अवधि = 78 मिनट x 1.5  1x स्पीड पर वीडियो की अवधि = 117 मिनट  इसलिए, 1x स्पीड पर वीडियो 117 मिनट में पूरी होगी।)

Depth sorting algorithm

 Depth sorting algorithm:- image space में polygonal surfaces का scan conversion किया जाता है। hide हुई surface की समस्या को हल करने के इस तरीके को अक्सर पेंटर के एल्गोरिथम के रूप में जाना जाता है। Hewells ने वर्ष 1972 में पेंटर के एल्गोरिदम की शुरुआत की। इसे पेंटर के एल्गोरिदम के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह एक Oil painting बनाने वाले painting की तरह काम करता है। जब कोई कलाकार पेंट करता है, तो वह एक खाली कैनवास से शुरू करता है, और सबसे पहले वह background layer या पेंटिंग बनाता है। फिर उस background की layer के बाद, वह एक-एक करके object की दूसरी layer बनाना शुरू करता है इस तरह वह इस पेंटिंग को पूरा कर रहा होगा।  algorithm depth से Sorting से शुरू होता है।   उदाहरण के लिए, polygon के प्रारंभिक "depth" अनुमान को polygon के किसी शीर्ष के निकटतम z मान के रूप में लिया जा सकता है। फ्रेम बफर को पहले बैकग्राउंड कलर से पेंट किया जाता है। फिर सबसे दूर के polygon को fraru buffer में enter किया जाता है। सबसे दूर के polygon से जुड़ी background की पिक्सेल जान...