पुण्यश्लोका लोकमाता अहल्यादेवी होलकर:- पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर- राज्य का आर्थिक प्रबंधन-1:- देवी अहिल्या की शैक्षिक और आर्थिक मामलों में दृष्टि बड़ी तीक्ष्ण थी। वे निर्णय क्षमता संपन्न महिला थीं। मालवा की स्थिति भारत में मध्य में है, देवी अहिल्या ने इस भौगोलिक स्थिति का लाभ लेकर व्यापार को बढ़ाया। उन्होंने नए उद्योगों, खेती और व्यापार के लिए विशेष प्रयास किये। उन्होंने अपनी टकसाल बनवाई और रोजगार के पर्याप्त अवसरों का निर्माण किया। सन् 1759 में उन्होंने बुनकर के रूप में मालू समाज को महेश्वर में बसाया। इन्हें वाराणसी से बुलाया गया था। महेश्वर में उत्कृष्ट कपड़े के निर्माण का कार्य आरम्भ हुआ। कपडे के कच्चे माल से लेकर विपणन (मार्केटिंग) व ब्रांडिंग का अनूठा उदाहरण यही 'माहेश्वरी साड़ी' है, जो आज जग विख्यात है। माहेश्वरी साड़ी का निर्माण स्वयंसहायता समूह के द्वारा स्वावलम्बन का एक सफल अनूठा प्रयोग था। निरन्तर.... पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्यादेवी होलकर- राज्य का आर्थिक प्रबंधन-2:- वीरगति प्राप्त सैनिकों की पत्नियों के लिए भी अहिल्या माता ने स्वयंसहायता समूह बनवाए। ...